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Lagatar Expose : जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले में मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह की महिला दोस्त प्रतिभा शर्मा की भूमिका जांच के घेरे में

Ranchi News :  सूत्रों के मुताबिक, प्रतिभा शर्मा के द्वारा पटना में एक बीएड कॉलेज संचालित होने की जानकारी है. इसके अलावा दिल्ली ,कोलकाता और महाराष्ट्र में भी उनकी कई कंपनियां संचालित होने की बात सामने आ रही है. जांच एजेंसी इन संस्थानों और कंपनियों के वित्तीय लेनदेन तथा मिथिलेश सिंह से उनके संबंधों की भी पड़ताल कर रही है.
 

  Ranchi News : जेपीएससी और जेएसएससी में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी के सामने मिथिलेश सिंह से जुड़े कई नए तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है. सूत्रों के अनुसार, मिथिलेश सिंह की करीबी महिला मित्र प्रतिभा शर्मा की भूमिका और उनके कारोबारी नेटवर्क को लेकर भी जांच एजेंसी जानकारी जुटा रही है.

 

सूत्रों के मुताबिक, प्रतिभा शर्मा के द्वारा पटना में एक बीएड कॉलेज संचालित होने की जानकारी है. इसके अलावा दिल्ली ,कोलकाता और महाराष्ट्र में भी उनकी कई कंपनियां संचालित होने की बात सामने आ रही है. जांच एजेंसी इन संस्थानों और कंपनियों के वित्तीय लेनदेन तथा मिथिलेश सिंह से उनके संबंधों की भी पड़ताल कर रही है.

 

बताया जा रहा है कि प्रतिभा शर्मा कई मौकों पर झारखंड आई थीं और मिथिलेश सिंह के साथ जेएसएससी से जुड़े मामलों में उनकी मौजूदगी की चर्चा रही है. सूत्रों का दावा है कि प्रतिभा शर्मा और मिथिलेश सिंह के बीच लंबे समय से करीबी संबंध रहे हैं.

 

  
दिल्ली से हुई गिरफ्तारियों के बाद बढ़ी जांच

 हाल के दिनों में CID ने मामले से जुड़े दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिथिलेश सिंह और कथित नेटवर्क को लेकर अहम जानकारी मिली है. इसके बाद जांच एजेंसी ने मामले की जांच का दायरा और बढ़ा दिया है.

 

इधर, कुछ दिन पहले दिल्ली स्थित मिथिलेश सिंह के अपार्टमेंट के आसपास पुलिस की गतिविधि की चर्चा भी सामने आई थी. पुलिस टीम के वहां पहुंचने और मिथिलेश सिंह को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई. हालांकि, उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है. CID या पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

 

ICN India समेत कई कंपनियां जांच के दायरे में

जांच के दौरान ICN India Private Limited समेत कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं. इसके अलावा DA Urban Nomads Community Private Limited, Piggy Ventures Private Limited, Hackpackt Homtels Private Limited और DooperSuper Ecosystem Seeds Private Limited से मिथिलेश सिंह के कथित कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है.

 

 

CID यह पता लगाने में जुटी है कि इन कंपनियों की कारोबारी गतिविधियों और JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े कथित लेनदेन के बीच कोई आर्थिक कनेक्शन रहा है या नहीं. इसके लिए कंपनी के दस्तावेज, बैंकिंग लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के आपसी संपर्कों की जांच की जा रही है.

 


बिहार से दिल्ली, महाराष्ट्र और बंगाल तक कनेक्शन

जांच सूत्रों के मुताबिक, मिथिलेश सिंह के बिहार में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कारोबार और पटना के बिहटा इलाके में B.Ed कॉलेज से संबंध की जानकारी भी CID को मिली है. इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में उसके कथित कारोबारी संपर्कों, कंपनियों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है.

 


जांच अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रह गई है. CID की टीमें बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में जाकर संबंधित लोगों और संस्थानों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मिथिलेश सिंह और उससे जुड़े लोगों का कारोबारी नेटवर्क कितना बड़ा है और इसका JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ी से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं.

 

कारोबार, संपत्ति और पैसों के लेनदेन पर नजर

CID अब परीक्षा में कथित गड़बड़ी के साथ-साथ उससे जुड़े संभावित आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों, बिचौलियों, कंपनियों और आरोपियों के बीच पैसों का लेनदेन किस माध्यम से हुआ. इसके लिए बैंक खातों, कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियों और अन्य कारोबारी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है.

 

‘गुरु-शिष्य कनेक्शन की भी जांच

अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के बीच कथित करीबी संबंध भी CID की जांच का अहम हिस्सा हैं. मिथिलेश सिंह को अभय तिवारी का ‘गुरु’ बताए जाने के दावे की भी अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है.

 


CID यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अभय तिवारी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था और क्या मिथिलेश सिंह उस नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में भूमिका निभा रहा था.

 


फिलहाल जांच एजेंसी की नजर परीक्षा में कथित गड़बड़ी से आगे बढ़कर कारोबारी नेटवर्क, कंपनियों, संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और अलग-अलग राज्यों में मौजूद संपर्कों पर है. जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, प्रतिभा शर्मा, मिथिलेश सिंह और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

 

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