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Lagatar Impact: ईंट भट्ठा से छत्तीसगढ़ के 6 परिवार के 21 बंधक बने मजदूरों को रांची पुलिस ने कराया मुक्त

 
Ranchi: जिले के नरकोपी स्थित ईंट भट्ठा से छत्तीसगढ़ के 6 परिवार के 21 बंधक बने मजदूरों को रांची पुलिस ने शनिवार को मुक्त कराया. इस मामले को लगातार न्यूज़ ने शनिवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. जिसके बाद रांची पुलिस के वरीय अधिकारी के निर्देश पर नरकोपी थाना की पुलिस, मांडर बीडीओ और श्रम अधीक्षक की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की. इस दौरान नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा गांव में स्थित ईंट भट्ठे से सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया. श्रम अधीक्षक के द्वारा मजदूरों का कुल बकाया 51 हजार रुपये भट्ठा मालिक से भुगतान करवाया गया और थाना स्तर से वाहन उपलब्ध करा कर मजदूरों को उनके गंतव्य के लिए रेलवे स्टेशन भेजा गया. साथ हीं भट्ठा मालिक के विरूद्ध अग्रत्तर विधिक कार्रवाई की जा रही है. [caption id="attachment_857713" align="alignnone" width="1040"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/03/NARKOPI-1.jpg"

alt="" width="1040" height="468" /> तस्वीर- अपने घर छत्तीसगढ़ रवाना होते ईंट भट्ठा से मुक्त कराए गए मजदूरों के परिवार वाले[/caption]

क्या है मामला

जिले के नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा में छत्तीसगढ़ के 6 परिवारों के 21 लोग पिछले कई महीनों से बंधक बने हुए थे. भट्टा मालिक न इन्हें मजदूरी का भुगतान कर रहा है और न ही वापस उनके घर जाने दे रहा था. दिन रात इन मजदूरों की निगरानी की जा थी कि कहीं ये भाग न जाएं. ये लोग 5 महीने पहले यहां ईंट भट्ठा में काम करने आये थे. छत्तीसगढ़ के बस्ती जिले के सिंदरी गांव से दो मजदूर पहले अपने परिवार के साथ नरकोपी पहुंचे. यहां टैब नाम से बनाए जाने वाले ईंट भट्ठा के मालिक तबारक खान से उनकी मुलाकात हुई. तबारक ने मजदूरों को 1000 ईंट बनाने पर 750 रुपए की दर से भुगतान करने की बात कही. इसके बाद तीन महीने पहले सिंदरी गांव के ही 4 और परिवार के लोग भी अपने परिवार के साथ भट्ठे में काम करने पहुंचे. मजदूरों ने आरोप लगाया है कि तबरेज खान उन्हें पूरी मजदूरी नहीं दे रहा है. मजदूरी मांगने पर कुछ लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई. महिलाओं को भी नहीं बख्शा. मजदूर पूजा मनाहर के साथ मारपीट की गई. इसके बाद बाकी मजदूरों ने इधर-उधर छिप कर खुद को बचाया. फिलहाल सभी मजदूर अपने घर वापस जाने के लिए गुहार लगा रहे थे.

मजदूरी मांगने पर भड़क जाता था तबारक

मजदूर सुनील मनाहर ने बताया कि वह पांच महीने पहले छत्तीसगढ़ से यहां मजदूरी करने आया था. ईंट भट्ठा मालिक तबारक ने कहा कि 1000 ईंट बनाने पर 750 रुपए दिया जाएगा, लेकिन उसने कभी वादे के मुताबिक भुगतान नहीं किया. कभी-कभार 1000-1200 रुपए दे देता है. ऐसे में उसने तबारक से कहा कि वह उनका हिसाब कर दे वो वापस अपने घर चले जाएंगे. इसपर तबारक भड़क गया और कहा कि 1000 ईंट पर 350 रुपए की दर से वो भुगतान करेगा. [wpse_comments_template]
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