- 40 हजार के बदले मिलता है 1 लाख का नकली नोट
- 5 वर्षों में 150 से ज्यादा गिरफ्तार
Ranchi: झारखंड में पिछले कुछ वर्षों से नकली नोटों का कारोबार तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है. राज्य के कई जिलों में समय-समय पर जाली नोटों के साथ इसका कारोबार करने वाले पकड़े जा रहे हैं, लेकिन संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त करना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है.
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 से 2025 के बीच राज्य में नकली नोटों से जुड़े कई मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध कारोबार के तार झारखंड से बाहर तक फैला हुए है और सीमावर्ती इलाकों के जरिए जाली नोटों की सप्लाई राज्य तक पहुंचाई जाती है.
सूत्रों के अनुसार झारखंड में नकली नोटों की सप्लाई का एक प्रमुख रास्ता पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से होकर गुजरता है. मालदा जिले के कालियाचक, वैष्णवनगर और गोलाबगंज जैसे सीमावर्ती इलाकों से तस्कर एजेंटों के माध्यम से जाली नोटों की खेप झारखंड तक पहुंचाते हैं. इसके बाद इन नोटों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर राज्य के अलग-अलग जिलों में भेजा जाता है और बाजारों में खपाने की कोशिश की जाती है.
बांग्लादेश से जुड़ने की आशंका
जांच के दौरान कई बार यह बात सामने आई है कि जाली भारतीय नोटों का एक हिस्सा बांग्लादेश के रास्ते भारत में प्रवेश करता है. सीमावर्ती इलाकों के जरिए इन नोटों को पहले पश्चिम बंगाल तक लाया जाता है और फिर वहां से झारखंड समेत अन्य राज्यों में भेज दिया जाता है.
पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार कई आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि गिरोह के सदस्य बांग्लादेश से नकली नोट लाकर भारत के विभिन्न जिलों और राज्यों में खपाने की कोशिश करते थे. गिरोह का नेटवर्क झारखंड, पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती इलाकों में फैला हुआ बताया जाता है.
40 हजार के बदले मिलता 1 लाख का जाली नोट
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जाली नोटों के इस अवैध कारोबार में भारी मुनाफा होने के कारण कई लोग लालच में आकर इसमें शामिल हो जाते हैं. बताया जाता है कि सीमावर्ती इलाकों में करीब 40 हजार रुपये के असली नोट देने पर लगभग 1 लाख रुपये के जाली नोट मिल जाते हैं. इसके बाद गिरोह के सदस्य इन नोटों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर एजेंटों को सौंप देते हैं. एजेंटों को ऐसे स्थानों पर भेजा जाता है, जहां नोट आसानी से चल सके और लोगों को शक भी न हो.
भीड़भाड़ वाले बाजारों को बनाते निशाना
सूत्रों का कहना है कि जाली नोट खपाने के लिए गिरोह खास तरह की जगहों को निशाना बनाते हैं. इनमें भीड़भाड़ वाले बाजार, साप्ताहिक हाट, जुआ अड्डे और शराब के ठिकाने शामिल होते हैं. इन जगहों पर लेन-देन तेजी से होता है और नोटों की जांच कम होती है, जिससे जाली नोट आसानी से चल जाते हैं. कई मामलों में आरोपी छोटी खरीदारी करते हैं और नकली नोट देकर असली पैसे वापस ले लेते हैं. इस तरह धीरे-धीरे जाली नोट बाजार में फैल जाते हैं और लोगों को इसका तुरंत पता भी नहीं चलता.
सीमावर्ती जिलों से फैलता नेटवर्क
सूत्र बताते हैं कि नकली नोटों की खेप पहले झारखंड के सीमावर्ती जिलों तक पहुंचती है. इनमें साहिबगंज, पाकुड़, दुमका और जामताड़ा जैसे जिले शामिल हैं. इन जिलों से एजेंटों के माध्यम से नोटों को राज्य के अन्य हिस्सों में भेज दिया जाता है. इसके बाद यह नेटवर्क धीरे-धीरे राज्य के अन्य जिलों तक फैल जाता है और वहां के बाजारों में जाली नोट खपाने की कोशिश की जाती है.
कई जिलों में हुई कार्रवाई
पिछले कुछ वर्षों में राज्य के कई जिलों में जाली नोटों के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. राजधानी रांची से लेकर पलामू, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और देवघर समेत कई जिलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली नोटों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कई मामलों में वाहन जांच के दौरान आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि कई मामलों में बाजार में नकली नोट चलाने की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई.
लोग शिकायत से बचते
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जब किसी को जाली नोट मिल जाता है तो वह इसकी शिकायत करने से बचता है. लोग अक्सर यह सोचकर चुप रह जाते हैं कि उन्हें ही नुकसान उठाना पड़ेगा या परेशानी बढ़ जाएगी. इसी चुप्पी का फायदा उठाकर तस्कर बेखौफ होकर अपना कारोबार चलाते रहते हैं. जब तक मामला सामने आता है, तब तक जाली नोट कई हाथों से होकर बाजार में फैल चुका होता है.
जांच एजेंसियों के सामने चुनौती
जांच एजेंसियों का कहना है कि जाली नोटों का नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता है. जो लोग पकड़े जाते हैं वे अक्सर छोटे एजेंट होते हैं, जबकि असली सरगना सीमावर्ती इलाकों या दूसरे राज्यों में सक्रिय रहते हैं. इस वजह से पूरे नेटवर्क तक पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है. इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और ऐसे गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
झारखंड में बड़े पैमाने पर फैल रहा कारोबार
सूत्रों के अनुसार झारखंड में पिछले कुछ वर्षों से बड़े पैमाने पर नकली नोटों का कारोबार सामने आ रहा है. राज्य के कई जिलों में समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई में जाली नोटों के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. बताया जाता है कि सीमावर्ती राज्यों से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से नकली नोटों को झारखंड के विभिन्न बाजारों में खपाने की कोशिश की जाती है.
हालांकि पुलिस की लगातार कार्रवाई से कई गिरोहों का खुलासा हुआ है, लेकिन इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई जा रही है.
झारखंड के सभी जिलों में नकली नोटों के कारोबार में पिछले 5 वर्षों में डेढ़ सौ से अधिक लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
1. रांची: 23 अगस्त 2025 को सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में नकली नोटों का कारोबार कर रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने एक घर में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए. पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय होने की आशंका जताई गई और सप्लाई पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से जुड़ी बताई गई.
2. साहिबगंज: 22 अगस्त 2025 को बरहरवा जीआरपी पुलिस ने 4 लाख 12 हजार रुपये के नकली नोट के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र में की गई.
3. पलामू: 26 जुलाई 2024 को पांकी थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका. तलाशी लेने पर उसके पास से 1 लाख 29 हजार 500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए. आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया.
4. गढ़वा: 12 मार्च 2023 को रंका बाजार में एक युवक ने दुकानदार को नकली नोट देकर सामान खरीदने की कोशिश की. शक होने पर लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर कई नकली नोट बरामद किए.
5. लातेहार: 18 मई 2022 को बालूमाथ थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक बाइक सवार के पास से करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
6. चतरा: 10 अप्रैल 2023 को सिमरिया बाजार में नकली नोट चलने की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर एक युवक को हिरासत में लिया. उसके पास से 500 रुपये के कई नकली नोट बरामद हुए.
7. हजारीबाग: 14 जून 2024 को बरही थाना क्षेत्र में पुलिस जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों के पास से करीब 80 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए.
8. रामगढ़: 12 जनवरी 2020 को गोला बाजार में सब्जी खरीदते समय नकली नोट देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.
9. बोकारो: 9 सितंबर 2023 को चास इलाके में पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
10. धनबाद: 20 जनवरी 2020 को पुलिस ने छापेमारी कर नकली नोट छापने की मशीन, कागज और प्रिंटेड नोट बरामद किए. इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की गई.
11. गिरिडीह: 5 अगस्त 2023 को बाजार में नकली नोट देने के शक में एक आरोपी को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
12. कोडरमा: 17 फरवरी 2022 को तिलैया थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर 30 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
13. देवघर: 8 जुलाई 2023 को जसीडीह बाजार में नकली नोट चलाने की कोशिश करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया गया.
14. दुमका: 3 अक्टूबर 2024 को पुलिस ने बाजार क्षेत्र में कार्रवाई कर 500 रुपये के नकली नोट के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
15. जामताड़ा: 11 अगस्त 2023 को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 40 हजार रुपये के नकली नोट के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
16. साहिबगंज (राजमहल): 22 नवंबर 2023 को नकली नोट चलाने की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर दो युवकों को गिरफ्तार किया.
17. पाकुड़: 19 मई 2022 को हिरणपुर थाना क्षेत्र में जांच के दौरान 25 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
18. गोड्डा: 7 जनवरी 2023 को गोड्डा बाजार में नकली नोट चलाने की कोशिश करते समय एक युवक को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
19. जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम): 15 जून 2023 को टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास पुलिस जांच के दौरान एक युवक को नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया गया.
20. चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): 9 मार्च 2024 को चाईबासा बाजार में पुलिस ने कार्रवाई कर दो आरोपियों को नकली नोट के साथ पकड़ा.
21. सरायकेला-खरसावां: 21 अप्रैल 2023 को आदित्यपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.
22. खूंटी: 30 जुलाई 2022 को तोरपा क्षेत्र में जांच के दौरान 20 हजार रुपये के नकली नोट के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
23. सिमडेगा: 14 दिसंबर 2023 को सिमडेगा बाजार में नकली नोट देने की कोशिश करते समय एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया.
24. लोहरदगा: 25 फरवरी 2024 को कुडू क्षेत्र में पुलिस ने 35 हजार रुपये के नकली नोट के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया.
25. गुमला: 5 जुलाई 2025 को रायडीह थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने करीब 1 लाख 30 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Leave a Comment