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लखीमपुर हिंसा : किसानों और प्रशासन में हुआ समझौता, टिकैत ने रखे हैं कई शर्त

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Lucknow : यूपी के लखीमपुर खीरी में हिंसा से हालात खराब हैं. मौके पर प्रशासन के बड़े अधिकारी कैंप कर रहे हैं. साथ ही किसान भी खासे गुस्से में हैं. लखीमपुर खीरी में हिंसा में चार किसानों, 3 बीजेपी कार्यकर्ता के अलावा एक पत्रकार की भी मौत हो गई है. हिंसा के बाद किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान अपने मारे गये साथियों के शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर डटे हुए है. लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि विरोध के बीच भी किसानों और लखीमपुर खीरी प्रशासन के बीच समझौता हो गया है. इसे भी पढ़ें - पटमदा:">https://lagatar.in/patmada-elder-brother-of-congress-leader-vishwamitra-battling-liver-cancer-passes-away/">पटमदा:

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मृतकों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी

समझौते के तहत हिंसा में मारे गये सभी मृतकों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात भी कही गयी है. जबकि हिंसा में घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही गयी है. वहीं इस घटना की जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में होगी. इसकी बात की जानकारी किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी. इसे भी पढ़ें -गौतम">https://lagatar.in/sb-energy-came-in-gautam-adanis-bag-deal-completed-for-26000-crores-will-give-tough-competition-to-ambani/">गौतम

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प्रशासन की ओर से 10-11 दिन का समय मांगा गया है

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि  हिंसा में मारे गये सभी चार किसानों के परिवार वालों को 45-45 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी. साथ ही इस पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जज करेंगे. इसके अलावा टिकैत ने कहा कि प्रशासन से जो पहली बात हुई है उसके मुताबिक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का नाम एफआईआर में दर्ज हुआ है, साथ ही प्रशासन की ओर से 10-11 दिन का समय मांगा गया है.  इस समयावधि में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम पंचायत करेंगे. साथ ही टिकैत ने कहा कि किसानों के दाह संस्कार तक हम यहीं रहेंगे और पांच डॉक्टरों की निगरानी में किसानों का पोस्टमॉर्टम होगा और इन सब की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी. टिकैत ने पीसी के जरिए संदेश दिया कि इस समय इंटरनेट सेवा बंद है. जिससे हमारे पास सबुत के तौर पर कोई वीडियो नहीं हैं. लेकिन जैसे ही इंटरनेट सेवा चालू होगी तो आप लोगों के पास जो वीडियो मौजूद हों , वो हमें जरूर भेजें. इसे भी पढ़ें -पत्रकार">https://lagatar.in/on-the-death-of-journalist-baijnath-mahato-congressmen-including-cm-his-press-advisor-expressed-grief/">पत्रकार

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ये है घटनाक्रम

जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पैतृक गांव के दौरे को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को रिसीव करने के लिए उनके बेटे आशीष मिश्रा जा रहे थे. इसी दौरान आंदोलन कर रहे किसानों से उनकी झड़प हो गयी. बहस के दौरान आशीष मिश्रा की एक गाड़ी से एक किसान की टक्कर लग गयी. जिसमें किसान घायल हो गया. जिसके बाद गुस्साएं किसानों ने मंत्री के बेटे की गाड़ी समेत दो अन्य वाहनों में आग लगा दी. जिसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों की मौत हो गयी. साथ बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं और कार ड्राइवर की भी जान चली गयी है. यहां बता दें कि लखीमपुर खीरी में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का दौरा था. मौर्य को रिसीव करने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे जा रहे थे. सेकिन इसी दौरान रीस्ते में किसानों ने रास्ता रोक लिया और उन्हें काले झंडे दिखाए. इसी दौरान किसान और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प हो गयी. जो देखत-देखते हिंसा में तब्दील हो गयी. इस हिंसा के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने दावा किया है कि उनका बेटा उस वक्त मौजूद नहीं था. इस समय हालात को देखते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार मौके पर कैंप कर रहे हैं. इसके अलावा पुलिस की कई कंपनियां भी मौके पर कैंप कर रही हैं. इसे भी पढ़ें -GOOD">https://lagatar.in/good-news-200-city-buses-will-run-in-capital-ac-will-also-be-available/">GOOD

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