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ललित मोदी का सनसनीखेज खुलासा, दाऊद इब्राहिम आईपीएल पर वर्चस्व चाहता था, मैं डर के मारे कांपने लगा था

IPLके पूर्व कमिश्नर मोदी ने कहा, साल 2012 में लंदन में रात लगभग 3:30 बजे उन्हें एक प्रभावशाली बिचौलिए के पेंटहाउस में तलब किया गया. वहां कथित तौर पर एक सैटेलाइट फोन के जरिए सीधे दाऊद इब्राहिम से बात कराई गयी.
 

London : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है. लंदन में एएनआई को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने यह बात स्वीकार करते हुए कई बातें उजागर की हैं. ललित मोदी ने दावा किया कि उन्हें डी-कंपनी से लगातार धमकियां मिल रही थी. यह बड़ी वजहों में शामिल था, जिस कारण उन्हें क्रिकेट प्रशासन त्याग देना पड़ा

 

 

 
ललित मोदी के अनुसार आईपीएल को दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग बनाने की कीमत उन्हें अपनी सुरक्षा से चुकानी पड़ी.कहा कि सट्टेबाजी और फिक्सिंग से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के कारण वे अंडरवर्ल्ड के टारगेट पर आ गये थे. ललित मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि दाऊद इब्राहिम आईपीएल पर अपना वर्चस्व चाहता था.  

 


IPLके पूर्व कमिश्नर मोदी ने कहा, साल 2012 में लंदन में रात लगभग 3:30 बजे उन्हें एक प्रभावशाली बिचौलिए के पेंटहाउस में तलब किया गया. वहां कथित तौर पर एक सैटेलाइट फोन के जरिए सीधे दाऊद इब्राहिम से बात कराई गयी.. 

 


अपने इंटरव्यू में ललित मोदी ने उस घटना को याद करते हुए कहा, 'मैं डर के मारे कांप रहा था. मेरी हालत खराब हो गयी थी. तभी फोन पर आवाज आयी. अब से तुम्हारा सारा काम खत्म. इसके बाद फोन कट गया. ललित मोदी ने कहा, उस समय उनके घर के बाहर ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसी की सुरक्षा  मौजूद थी, लेकिन फिर भी वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे.
 

 

ललित मोदी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड के साथ टकराव की शुरुआत आईपीएल 2009 के दौरान हुई थी.  भारत में लोकसभा चुनाव होने के कारण पूरा टूर्नामेंट को साउथ अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया था. दावा किया कि उस समय सट्टा बाजार में भारी धनराशि लगाई गयी थी कि आईपीएल रद्द हो जायेगा. लेकिन जब टूर्नामेंट सफलतापूर्वक साउथ अफ्रीका पहुंच गया, तो कथित तौर पर कई सट्टेबाज भारी नुकसान में चले गये. 
 

 

ललित मोदी के अनुसार आईपीएल को साउथ अफ्रीका शिफ्ट कर मैंने सट्टेबाजों का करोड़ों का नुकसान कर दिया था.  सट्टा चलाने वाले चाहते थे कि मैं वह पैसा वापस दूं, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया. अपने इंटरव्यू ने ललित मोदी ने दावा किया कि आईपीएल कमिश्नर रहते हुए उन्होंने फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ सख्ती दिखाई.  स्पॉट फिक्सिंग रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी. करोड़ों डॉलर की रिश्वत ठुकरा दी गयी. 
 


 
ललित मोदी ने कहा, उनके द्वारा सख्त कदम उठाये जाने के बाद कई देशों में उन्हें खत्म करने के लिए साजिशें रची गयी. ललित मोदी ने मुंबई स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग, जोहानिसबर्ग में हमले की योजना, क्रोएशिया बॉर्डर की साजिश सहित लंदन में उनके बेटे के कथित अपहरण की कोशिश का जिक्र किया. ललित मोदी ने कहा कि इसके बाद मैंने क्रिकेट प्रशासन छोड़ने का फैसला लिया.  मैंने अपना वादा निभाया और क्रिकेट से दूर हो गया.  

 


बता दें कि आईपीएल के जनक कहे जाने वाले ललित मोदी द्वारा 2008 में शुरू की गयी IPL लीग ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी . लेकिन 2010 में आईपीएल के तीसरे सीजन के तुरंत बाद ललित मोदी पर कई गंभीर आरोप लगे. BCCI  ने उन पर वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया. बाद में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया.   
 

 

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