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कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ देने के फैसले पर लालू ने मोदी सरकार पर कसा तंज, कहा-डर ही सही…

 
Patna :  केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा की है. राष्ट्रपति भवन की ओर से बयान जारी कर इस संबंध में जानकारी दी गयी. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के फैसले को आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने RJD के लंबे संघर्षों की उपलब्धि बताया है. लालू ने एक्स पर लिखा कि मेरे राजनीतिक और वैचारिक गुरु स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न अब से बहुत पहले मिलना चाहिए था. हमने सदन से लेकर सड़क तक ये आवाज उठायी. लेकिन केंद्र सरकार तब जागी जब सामाजिक सरोकार की मौजूदा बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना करवायी और आरक्षण का दायरा बहुजन हितार्थ बढ़ाया. डर ही सही राजनीति को दलित बहुजन सरोकार पर आना ही होगा.

तेजस्वी ने कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ देने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार को दिया धन्यवाद

कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है. तेजस्वी ने ‘एक्स’ पर अपने एक पुराने भाषण का वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के साथ तेजस्वी ने लिखा कि वंचित, उपेक्षित और उत्पीड़ित वर्गों के पैरोकार, महान समाजवादी नेता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की हमारी दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर अपार खुशी हो रही है. इसके लिए केंद्र सरकार को साधुवाद.

 कर्पूरी ठाकुर की आज 100वीं जयंती 

बता दें कि आज बुधवार को कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती है. जयंती से ठीक एक दिन पहले उनको देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिये जाने की मांग की थी. अब इस घोषणा के बाद जदयू ने मोदी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है. इसके अलावा कर्पूरी ठाकुर परिवार के करीबी रहे वर्तमान में कानपुर में रह रहे सोशल एक्टिविस्ट और राजनीतिक मामलों के जानकार राजन ठाकुर ने भी मोदी सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है.

दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर

बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की राजनीति के सूत्रधार माने जाने वाले कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर के पितौंझिया गांव में हुआ. ‘जननायक’ के रूप में मशहूर ठाकुर पहले गैर-कांग्रेसी समाजवादी नेता थे, जो दिसंबर 1970 से जून 1971 तक और दिसंबर 1977 से अप्रैल 1979 तक दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे. कर्पूरी ठाकुर का निधन 17 फरवरी, 1988 को हुआ था. [wpse_comments_template]  
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