Ranchi : झारखंड में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य धीमी पड़ती दिख रही है. राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 18 नए फायर स्टेशन सह आवासीय भवनों में से 11 के लिए अब तक जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सका है. इस मामले को देखते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित सात जिलों के डीसी से वस्तुस्थिति की रिपोर्ट मांगी है.
गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण पाने के उद्देश्य से साल 2023 में 18 नए केंद्रों के सृजन की प्रक्रिया शुरू की गई थी. योजना के अनुसार, प्रथम चरण में दस नए अनुमंडलों और आठ शहरी क्षेत्रों में फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर बनाए जाने थे. हालांकि, दो साल अधिक बीतने को हैं और अब तक केवल सात स्थानों के लिए ही जमीन उपलब्ध हो पाई है. शेष 11 प्रस्तावित केंद्रों के लिए संबंधित जिलों के डीसी की ओर से भूमि संबंधी रिपोर्ट विभाग को प्राप्त नहीं हुई है.
जानकारी के मुताबिक गृह विभाग ने गुमला, गोड्डा, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह, जमशेदपुर और धनबाद डीसी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है. प्रत्येक फायर स्टेशन के निर्माण के लिए कम से कम 60.26 डिसमिल भूमि की आवश्यकता है.


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