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जमीन दलाली चरम पर, भाई-भाई को लड़ाकर जमीन लूट रहे दलाल

Sunil Kumar    Latehar : इन दिनों लातेहार में जमीन दलालों की संख्या काफी बढ़ गई है. अलग-अलग इलाके में अलग-अलग दलाल सक्रिय हैं. जो किसी अन्य दलाल को अपने क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देते हैं. यदि किसी अन्य क्षेत्र के दलाल को उनके क्षेत्र में कोई प्लॉट मिल जाती है तो फिर गुटबाजी और रंगदारी जमकर होती है. शहर के काफी व्यस्तम मुख्य मार्ग से सटे अमवाटीकर - जुबली रोड के पास एक बड़ा भू-भाग है. यह ग्रीनलैंड है. इसे बैगाई भूमि भी कहते हैं. इस भूमि पर तेजी से गृह निर्माण का कार्य चल रहा है. शुक्रवार की दोपहर उक्त प्लॉट के एक भाग को लेकर जमीन दलालों में जमकर में मारपीट हुई. लाठी-डंडे व हथियारों से लैस दोनों गुटों ने जमकर बवाल काटा है. हालांकि इस खबर से स्थानीय पुलिस और अंचल कार्यालय बेखबर है. बताया जाता है कि पुलिसिया संरक्षण में जमीन दलाल अपने-अपने इलाकों में जमीन की दलाली करते हैं. कई दलाल तो ऐसे हैं, जो फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाते हैं. ये दलाल आपस में ही भाइयों को लड़ा कर औने-पौने दामों में उनकी जमीन का एग्रीमेंट कराते हैं. शहर के कई परिवार इन दलालों की करतूत से भूमिहीन हो चुके हैं. अमवाटीकर रोड स्थित ग्रीनलैंड में कम से कम आधा दर्जन गृह निर्माण वर्तमान में जोरों पर है. बताया जाता है कि इस प्रकृति की जमीन का निबंधन नहीं होता है. लेकिन इकरारनामा के सहारे दलालों द्वारा जमीन बेची जा रही है.

क्या कहते हैं अधिकारी

लातेहार सदर अंचल अधिकारी रूद्र प्रताप का कहना है की ऐसी जमीन की बिक्री नहीं होती है. अगर बेची गयी है तो इसकी जांच करायी जायेगी.

क्या कहते हैं अधिवक्ता

अधिवक्ता नवीन कुमार गुप्ता का कहना है कि बैगा की जमीन ग्रीनलैंड है. बैगा को जमींदारों ने इस जमीन को दान में इसलिए दिया था कि उसमें कोई निर्माण का कार्य ना हो. इसका प्रयोग सार्वजनिक हितार्थ हो अथवा उस पर फसल उगाकर अपना जीवन यापन करें. श्री गुप्ता ने आगे कहा कि बैगाई जमीन का हस्तांतरण भी नहीं होता है. इसे भी पढ़ें : खुद">https://lagatar.in/voter-and-uid-card-is-not-asking-for-self-identity-and-villagers/">खुद

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