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नौकरी के बदले जमीन घोटाला : तेजस्वी यादव ईडी के समक्ष हुए पेश, पूछताछ शुरू

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Patna : नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव आज इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के पटना स्थित कार्यालय पहुंचे. जहां ईडी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है. इस मामले में ईडी ने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को समन भेजकर आज 30 जनवरी को ईडी के समक्ष पेश होने को कहा है. इससे पहले ईडी ने तेजस्वी को 5 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन उन्होंने ईडी ऑफिस पहुंचने में असमर्थता जतायी थी. उन्होंने कहा था कि पटना में उनका कुछ पूर्व निर्धारित सरकारी आयोजन है. जिसकी वजह से वो दिल्ली नहीं पहुंच पायेंगे. इ

लालू यादव से ईडी ने नौ घंटे तक की पूछताछ

नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में लालू यादव 29 जनवरी को ईडी के पटना कार्यालय पूछताछ के लिए पहुंचे थे. लालू यादव के साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी ईडी दफ्तर पहुंची थी. मगर उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया. इस दौरान ईडी दफ्तर के बाहर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा. ईडी ने लालू यादव से करीब नौ घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान दिल्ली से आये ईडी के अधिकारियों ने उनसे कई सवालों के जबाव मांगे. ईडी की टीम रविवार देर शाम ही पटना आ गयी थी. बता दें कि मीसा भारती को ईडी ने समन भेजकर 5 फरवरी को पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया है.

ईडी और सीबीआई दोनों कर रही मामले की जांच

बता दें कि जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई की टीम लालू और उनके करीबियों के घर छापेमारी की थी. सीबीआई के अधिकारी राजद प्रमुख और उनके परिवार वालों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं. सीबीआई की टीम ने लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में पूछताछ की थी. वहीं बिहार में राबड़ी देवी के आवास भी सीबीआई टीम पूछताछ करने गयी थी. ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है. ईडी ने लालू प्रसाद यादव, उनके करीबियों और अन्य आरोपियों के घर पर छापेमारी की थी. ईडी ने दिल्ली, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पटना और रांची में कई ठिकानों पर भी रेड मारी थी. ईडी ने ट्वीट करके बताया था कि छापेमारी में 1 करोड़ रुपये की नकदी, डेढ़ किलो से ज्यादा के सोने के गहने, 540 ग्राम सोना, अमेरिकी डॉलर समेत कई चीजें बरामद हुई.

ईडी का दावा, 600 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य मिले

बता दें कि ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है. जमीन के बदले नौकरी घोटाले में ईडी ने अब तक 600 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य मिलने का दावा किया है. ईडी के अनुसार, अपराध से बनायी गयी संपत्तियों में से 350 करोड़ की अचल संपत्ति है. जबकि 250 करोड़ बेनामी लोगों के माध्यम से लालू यादव के परिवार के पास आये. ईडी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ग्रुप डी की नौकरियों के बदले मात्र 7.5 लाख में लिये चार जमीन को राजद के पूर्व विधायक सैयद अबु दोजाना को 3.5 करोड़ में बेचा गया. राबड़ी देवी ने इसका अधिकांश हिस्सा तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दिया था. इसके भी साक्ष्य ईडी के पास मौजूद हैं.

लालू ने रेल मंत्री रहते हुए नौकरी के बदले लिखवा लीं जमीन

सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए नौकरी के बदले कथित जमीन घोटाला हुआ था. इस दौरान लालू यादव ने पटना के 12 लोगों को ग्रुप डी में चुपके से नौकरी दी और उनसे अपने परिवार के लोगों के नाम पटना में जमीनें लिखवा लीं. सीबीआई का दावा है कि लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के नाम प्लॉट्स की रजिस्ट्री करायी गयी और जमीन की मामूली कीमत नकद में चुकायी गयी. उधर रेलवे में जिन पदों पर भर्ती हुई, उसका न तो विज्ञापन निकाला गया और न ही सेंट्रल रेलवे को सूचना दी गयी. आवेदन देने के 3 दिन के अंदर नौकरी दे दी गयी. [wpse_comments_template]

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