जानकारी के मुताबिक अमित अग्रवाल की आठ कंपनियों में 200 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर हुए हैं. ईडी की रडार पर आने के बाद अमित अग्रवाल कुछ कंपनियों के डायरेक्टरशिप से अलग भी हुआ है. अमित अग्रवाल और प्रेम प्रकाश की कंपनियों के बीच पांच करोड़ से अधिक के ट्रांजेक्शन के सवाल पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका है. जमीन की खरीद-बिक्री मामले में प्रशासन का कितना साथ मिला, यह भी पूछा गया है. ईडी सूत्रों की मानें तो पूछताछ में कई अहम जानकारी हाथ लगी है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है.छवि रंजन, अमित अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों पर सोमवार को चार्जशीट दाखिल किया जाएगा.
जमीन घोटाला मामले में अब तक कुल दस गिरफ्तारी
ईडी ने अमित अग्रवाल और दिलीप घोष से पहले रांची के पूर्व डीसी आईएएस छवि रंजन समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था. जमीन घोटाला में इनकी अहम भूमिका होने का आरोप है. अभी तक रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन सहित कुल दस गिरफ्तारियां हो गई है. फर्जी कागजात के आधार पर प्रदीप बागची नामक शख्स ने कोलाकाता के जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को यह जमीन बेची थी. इस कंपनी में अमित अग्रवाल भी सहयोगी हैं. ईडी ने इस घोटाले में अब रांची के बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, सेना के कब्जे वाली जमीन के फर्जी रैयत प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान और मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार किया था.
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