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जमीन घोटाला मामला : ईडी जांच में खुलासा- जमीन को गैरकानूनी तरीके से अधिग्रहण के लिए भूमि रिकॉर्ड से या तो छेड़‌छाड़ की जाती है या छुपाया जाता है

 
Ranchi : जमीन घोटाले की जांच कर रही ईडी की जांच में कई अहम खुलासा हुआ है. ईडी की जांच में पता चला है, कि झारखंड में भू-माफिया का एक रैकेट सक्रिय है, जो रांची में जमीन के फर्जी रिकॉर्ड बनाने का काम करता है. यह भी पता चला है कि भू-माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए जमीनों के स्वामित्व रिकॉर्ड भी फर्जी बनाए गए हैं. इसके बाद जाली भूमि रिकॉडों के आधार पर, ऐसे भूमि अन्य व्यक्तियों को बेच दिए जाते हैं. ऐसी संपत्तियों के गैरकानूनी अधिग्रहण, कब्जे और उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए स्वामित्व के मूल भूमि रिकॉर्ड से या तो छेड़‌छाड़ की जाती है या छुपाया जाता है.

ईडी ने पहले ऐसे मामलों में 51 तलाशी और नौ सर्वे किए थे

ईडी ने पहले ऐसे मामलों में 51 तलाशी और 9 सर्वे किए थे और अपराध सांकेतिक दस्तावेज जैसे कि भू- राजस्व विभाग की जाली मुहरें, जाली भूमि दस्तावेज, अपराध की आय के वितरण के रिकॉर्ड, जालसाजी करने की तस्वीरें, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के सबूत आदि जैसे सबूतों को जब्त किया था. तलाशी के परिणाम स्वरूप 1.25 करोड़ रुपये (लगभग) नकदी की बरामदगी और जब्ती की गई. और उसके बाद बैंक खाते में जमा 3.56 करोड़ रुपये को फ्रीज़ कर दिया गया था. दिल्ली में हेमंत सोरेन के उपयोग और नियंत्रण वाले एक परिसर की तलाशी के दौरान 36.34 लाख रुपये, एक बीएमडब्ल्यू लग्जरी कार और अपराध सांकेतिक दस्तावेज जब्त किए गए.

हेमंत सोरेन समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है

ईडी ने इसके पूर्व भूमि घोटाला मामले में 236 करोड़ रुपए कीमत के भूखंड अंतिम रूप से कुर्क किए थे. अब तक इन मामलों में हेमंत सोरेन, छवि रंजन आईएएस (पूर्व डीसी, रांची), भानु प्रताप प्रसाद (राजस्व उप-निरीक्षक), अमित कुमार अग्रवाल, प्रेम प्रकाश समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने सरकारी अधिकारियों सहित कई लोगों के विरुद्ध झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर भूमि घोटाले के मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. भूमि घोटाला मामलों में ईडी की जांच में पता चलता है कि आरोपी व्यक्तियों में से एक, भानु प्रताप प्रसाद, एक राजस्व कार्मिक और मूल सरकारी रिकॉर्डों के संरक्षक, ने अपने अधिकारिक पद का दुरुपयोग किया. उन्होंने अवैध व्यवसाय, जमीन जायदाद के रूप में अपराध की आय अर्जित करने और कब्ज़ा करने से जुड़ी उनकी गतिविधियों ने हेमंत सोरेन सहित कई व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध करायी है. [wpse_comments_template]
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