Search

 
 
 

जमीन घोटाला : छवि रंजन के सामने बैठाकर राजेश राय समेत चार लोगों से ईडी सोमवार को करेगी पूछताछ

 
  • जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को  ईडी ने 10 मई को पूछताछ के लिए बुलाया
Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है. इस मामले में निलंबित आईएएस छवि रंजन के सामने बैठा कर ईडी सोमवार को आरोपी राजेश राय, लखन सिंह, भरत प्रसाद और विष्णु अग्रवाल से पूछताछ करेगी. ताकि कोई अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज न कर पाए. दूसरी तरफ प्रदीप बागची से सेना के कब्जे वाली जमीन खरीदने वाले जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को भी ईडी ने 10 मई को पूछताछ के लिए बुलाया है. प्रदीप बागची ने रांची नगर निगम से फर्जी होल्डिंग नंबर लेकर महज सात करोड़ में ही यह जमीन दिलीप घोष को बेच दी थी.

छवि रंजन के लिए गोवा ट्रिप का इंतजाम किया गया था

इधर, छवि रंजन को गिरफ्तार करने के बाद ईडी छह दिनों की रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है. ईडी की अब तक की जांच में एजेंसी ने दावा किया है कि वर्ष 2020-2022 के दौरान रांची के डीसी के रूप में छवि रंजन ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया. साथ ही व्यक्तिगत लाभ के लिए कई भू-माफियाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया. रिश्वत भी ली. पवार ब्रोकर के नाम से मशहूर प्रेम प्रकाश के माध्यम से बड़गाईं मौजा स्थित एक भूखंड को प्रतिबंधित सूची से हटाने पर कई व्यक्तियों से एक करोड़ रुपये की वसूली की गयी. चेशायर होम रोड की विवादित भूमि का म्यूटेशन विष्णु अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर करने के लिए बड़गाईं सीओ मनोज कुमार पर भी रांची डीसी रहते हुए छवि रंजन ने ही दबाव बनाया था. इसके एवज में विष्णु अग्रवाल ने छवि रंजन के लिए गोवा ट्रिप का इंतजाम किया और ताज अगोडा होटल में उनके रहने और घूमने की व्यवस्था करवाई थी.

भूमि की खरीद- बिक्री के लिए छवि रंजन ने षडयंत्र रचा

जेल की सलाखों के पीछे बंद रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन ने खाता संख्या 140 की लगभग 7.16 एकड़ क्षेत्रफल वाली भूमि की खरीद- बिक्री के लिए षडयंत्र रचा. एक डमी व्यक्ति बिनोद सिंह के नाम पर म्यूटेशन के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया. नामांतरण के बाद यह संपत्ति श्याम सिंह और रवि सिंह भाटिया को बेच दी गई और उनके नाम से ही जमाबंदी दर्ज की गई. कागज में इस जमीन की खरीद- बिक्री 15.10 करोड़ रुपये में दिखाई गई, जबकि इस भूखंड का वास्तविक मूल्य 29 करोड़ है. बिनोद सिंह के दावे को सीओ और एलआरडीसी द्वारा वर्ष 2021 में खारिज कर दिया गया था. लेकिन छवि रंजन ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बिनोद सिंह के नाम पर नामांतरण की अनुमति दी. छवि रंजन द्वारा इस जमीन की पिछली जमाबंदी भी रद्द कर दी गई थी, जो साहू परिवार के नाम पर थी. जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस को उक्त स्थल पर चहारदीवारी खड़ी करने में इन व्यक्तियों की सुविधा के लिए निर्देश जारी किये थे.
इसे भी पढ़ें – जानबूझकर">https://lagatar.in/controversial-films-being-made-intentionally-dr-chanchal-chauhan/">जानबूझकर

बनवायी जा रहीं विवादित फिल्में : डॉ चंचल चौहान
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही