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Chatra News: टंडवा में रैयतों का शक्ति प्रदर्शन, सड़क निर्माण को बताया क्षेत्रीय विकास की जरूरत

चतरा जिले के कोयलांचल टंडवा प्रखंड अंतर्गत एनएमएल की चट्टी बारियातु परियोजना के तहत गोपदा स्थित ट्रक लोडिंग सिस्टम (टीएलएस) से स्टेट हाइवे तक प्रस्तावित ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण के समर्थन में अब रैयत गोलबंद हो चुके हैं.
 

Chatra: चतरा जिले के कोयलांचल टंडवा प्रखंड अंतर्गत एनएमएल की चट्टी बारियातु परियोजना के तहत गोपदा स्थित ट्रक लोडिंग सिस्टम (टीएलएस) से स्टेट हाइवे तक प्रस्तावित ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण के समर्थन में अब रैयत गोलबंद हो चुके हैं. इसी को लेकर सोमवार को टंडवा के वृंदा देवी मंडप के समीप रैयतों और ग्रामीणों का महाजुटान हुआ. जहां सैकड़ों की संख्या में रैयत जुटे और सड़क निर्माण के समर्थन में एकजुटता दिखाई. उनका कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. 

 

महाजुटान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कबरा पंचायत के मुखिया सह झामुमो जिलाध्यक्ष निलेश ज्ञासेन उर्फ सोनू सिन्हा ने अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी एवं स्वार्थी तत्व व्यक्तिगत लाभ के लिए पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को बाधित करने की घिनौनी साजिश रच रहे हैं और रैयतों के बीच भ्रम फैलाने का अथक प्रयास कर रहे हैं. 

 


मुखिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग फर्जी सम्मेलन और भ्रामक प्रचार के माध्यम से प्रशासन, परियोजना एजेंसियों और मीडिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, वे अपनी हरकतों से बाज आएं. अन्यथा रैयत अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से हर स्तर पर कठोर निर्णय लेने को तैयार हैं. 

 


महाजुटान के अंत में उपस्थित रैयतों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सड़क निर्माण परियोजना के समर्थन में हुंकार भरते हुए कहा कि विकास कार्यों को अनावश्यक विवादों में उलझाने के बजाय स्थानीय हितों और क्षेत्रीय प्रगति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. सभा में पंचायत समिति सदस्य नितेश राणा समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे.

 


वहीं दूसरी ओर हाल के दिनों में सड़क निर्माण को लेकर उठे विवादों के बीच प्रशासनिक पक्ष भी सामने आया है. मौके पर दंडाधिकारी के रूप में मौजूद अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भूमि, मुआवजा और रैयतों के अधिकारों से जुड़े मामलों में सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार संचालित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों और रैयतों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है. किसी भी पक्ष की शिकायत अथवा आपत्ति मिलने पर उसका परीक्षण कानून के अनुरूप किया जाएगा. 

 

 

सीओ नें कहा कि महाजुटान में उपस्थित भीड़ की जांच कर्मचारी के द्वारा कराई गई है. यहां उपस्थित लोग स्थानीय रैयत ही है. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न ना हो यह सुनिश्चित करना प्रखंड प्रशासन की पहली जिम्मेवारी है. किसी भी परिस्थिति में असामाजिक तत्वों के मंसूबों को जिला प्रशासन कामयाब नहीं होने देगा.

 

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