: 20 आदिवासी युवक-युवतियां चंडीगढ़ रवाना)
पूर्वजों के ज्ञान-विज्ञान और मानवता को अर्जित करने की जरुरत
अरुण कुमार ने कहा कि आज भारतीय शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की चर्चा चल रही है. शिक्षा को मूल्यपरक बनाने की जरुरत है. समाज को ज्ञान-विज्ञानमय बनाने का यत्न हो रहा है. लेकिन सबसे पहले हमें छात्रों को भावनात्मक दृष्टि से शिक्षित करने की आवश्यकता है. साथ ही अपने शाश्वत धर्म, संस्कृति, नीति और राष्ट्रीयता के विचारों को शिक्षा व्यवस्था में प्रमुख स्थान देने की आवश्यकता है. हमें ज्ञान-विज्ञान यूरोप-अमेरिका से प्राप्त हुआ. इस भ्रामक धारणा से हमें बाहर निकलने की जरुरत है. साथ ही हमारे पूर्वजों के ज्ञान-विज्ञान और मानवता के विकास के लिए दिये गये अद्वितीय योगदान को अर्जित करने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें : 9">https://lagatar.in/supriyo-chakraborty-has-been-playing-cricket-since-the-age-of-9-now-a-part-of-the-jharkhand-team/">9साल की उम्र से सुप्रियो चक्रवर्ती खेल रहे हैं क्रिकेट, अभी झारखंड टीम का हिस्सा [wpse_comments_template]

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