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लातेहार : उत्कृष्ट विद्यालय होने से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में, जानिये कैसे

Ashish Tagore Latehar : जिला मुख्यालय में अविस्थत राजकीयकृत प्लस टू बालक उच्च विद्यालय एवं राजकीयकृत बालिका उच्च विद्यालय को इस वर्ष उत्कृष्ट विद्यालय की मान्यता दी गयी है. अब इन दोनों विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई होगी. विद्यालय में छात्र व छात्राओं का नामांकन परीक्षा के आधार पर ली जायेगी. एक विद्यालय में मात्र 80 छात्रों का नामांकन कक्षा नौ में लिया जायेगा. बता दें कि जिला मुख्यालय में यही दो उच्च विद्यालय हैं. जबकि जिला मुख्यालय में आठ मध्य विद्यालय हैं. इसके अलावा जिला मुख्यालय से सटे कम से कम 15 मध्य विद्यालयों के कक्षा आठ से उर्तीण बच्चे इसी दोनों उच्च विद्यालय में ही अपना नामांकन कराते थे. लेकिन इन दोनों विद्यालयों के उत्कृष्ठ विद्यालय व सीबीएसई पैटर्न में तब्दील होने से इन विद्यालयों से कक्षा आठ से उर्तीण छात्र व छात्राओं के समक्ष कक्षा नौ में नामांकन को लेकर समस्या उत्पन्न हो गयी है. कारण यह है कि इन दोनों विद्यालय में मात्र 80-80 छात्रों का ही नामांकन होगा. शेष बच्चों का नामांकन कहां होगा, इसे लेकर न सिर्फ संशय है, वरन अभिभावकों को भी चिंता सता रही है.

कक्षा आठ में 426 बच्चे हैं नामांकित

जिला मुख्यालय के आठ मध्य विद्यालयों में कुल 426 बच्चे कक्षा 8 में नामांकित हैं. ये छात्र कक्षा नौ में जायेंगे. लेकिन जिला मुख्यालय के दो उच्च विद्यालयों के कक्षा नौ में मात्र 160 छात्र व छात्राओं का ही नामांकन होगा. बुनियादी विद्यालय में 10, उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमवाटीकर में 28, राजकीय मध्य विद्यालय आश्रम में 43, राजकीय कन्या विद्यालय में 50, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय डुरूआ में 67, राजकीय मध्य विद्यालय करकट में 51, राजकीय बालक मध्य विद्यालय डुरूआ में 73 व राजकीय मध्य विद्यालय बाजार में कक्षा आठ में कुल 104 छात्र हैं. इसके अलावा जिला मुख्यालय से सटे तकरीबन 15 मध्य विद्यालयों में कक्षा आठ के छात्रों की संख्या तकरीबन 500 है.

क्या कहते हैं शिक्षक

वरीय शिक्षिका प्रीति भारती ने कहा कि विभागीय अदूरदर्शिता के कारण लातेहार जिले में कक्षा नौ में नामांकन को लेकर बड़ी समस्या आन पड़ी है. जब इन विद्यालयों को उत्कृष्ट की श्रेणी में लाना था तो उसके पहले इससे उत्पन्न कठिनाइयों पर भी विचार होना चाहिए था. अभी तक इस यक्ष प्रश्न का जवाब किसी पदाधिकारी के पास नहीं है. विद्यालय के प्रधान की ही जिम्मेवारी होती है कि उनके विद्यालय के बच्चों का नामांकन उच्च विद्यालयों में हो. लेकिन अब विद्यालय के प्रधान भी परेशान हैं. ऐसे में यदि छात्रों का नामांकन नहीं हुआ तो ड्रॉपआउट की समस्या होगी.

2234 छात्र हैं बालक प्लस टू उच्च विद्यालय में

शहर के राजकीयकृत बालक प्लस टू उच्च विद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 2234 है. जिला मुख्यालय समेत आसपास के तकरीबन एक दर्जन से अधिक मध्य विद्यालयों के छात्र यहां अपना नामांकन कराते हैं. इस कारण यहां बच्चों की संख्या काफी अधिक रहती है. जबकि राजकीय कृत बालिका उच्च विद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 941 है. लेकिन इन दोनों विद्यालयों को सीबीसएसई की मान्यता मिलने पर बच्चों के नामांकन पर खासा असर पड़ेगा. क्योंकि दोनों ही विद्यालय में कक्षा नौ में मात्र 80-80 छात्र व छात्राओं का नामांकन लिया जायेगा.

वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी : डीईओ

इस संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार ने बताया कि वर्तमान में दोनों विद्यालय में 80-80 छात्रों का नामांकन होगा. इसके बाद शेष बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा है कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधन, भवन एवं शिक्षकों के आधार पर छात्रों का बाद में नामांकन किया जाएगा.
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