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लातेहारः सर्वे को लेकर पुलिस-ग्रामीणों के बीच झड़प मामले में 71 नामजद व 400 अज्ञात पर केस दर्ज

प्राथमिकी में गांव के मंगल देव उरांव, सतीश भगत, मुनेश्वर भगत, जोहन भगत,  महेश टाना भगत, निर्मल टाना भगत, रामधारी भगत, धर्मेन्द्र टाना भगत,  संदीप उरांव, सविला देवी, करमदेव भगत, महेन्द्र भगत, बुना भगत, रामदास भगत व  निर्मल भगत नामजद आरोपी हैं.
 
सदर थाना प्रभारी, जिनके बयान पर दर्ज हुई एफआईआर.

Latehar : लातेहार सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में सर्वे को लेकर 5 मार्च की रात पुलिस व ग्रामीणों के बीच हिसंक झड़प हो गई थी. इस मामले में सदर थाना में कैमा गांव के 71 नामजद व 400 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह प्राथमिकी कांड संख्या 39/2026 के तहत थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा के आवेदन पर दर्ज की गई है.


प्राथमिकी में गांव के मंगल देव उरांव, सतीश भगत, मुनेश्वर भगत, जोहन भगत,  महेश टाना भगत, निर्मल टाना भगत, रामधारी भगत, धर्मेन्द्र टाना भगत, संदीप उरांव, सविला देवी, करमदेव भगत, महेन्द्र भगत, बुना भगत, रामदास भगत व  निर्मल भगत समेत 71 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा 400 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है. इन सभी पर अनुसंधान के लिए किये जा रहे सरकारी कार्य में व्यवधान डालने और मजमा लगाकर पुलिस दल को रोकने, परंपरागत हथियारों व ईंट-पत्थर से पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने, पुलिस कर्मी का हथियार छीनने के आरोप हैं.

 

डेलेक्टो के माइनिंग सर्वेयर के बयान पर दूसरी प्राथमिकी

 
वहीं, इस मामले में तुबेद कोयला खदान में कार्यरत डेवेलेक्टो माइनिंग कंपनी के सर्वेयर पंकज कुमार चौधरी के आवेदन पर सदर थाना में कांड संख्याट 37/2026 के तहत दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें तुबेद बिछिया टोंगरी गांव के हरेन्द्र उरांव, मनोज उरांव और चार-पांच अन्यद लोगों को आरोपी बनाया गया है. उन पर हरवे-हथियार से लैस होकर पहुंचकर गाली-गलौज करने, रंगदारी मांगने, सरकार सरकारी कार्य में बाधा डालने, डीजीपीएस रोबर, कंट्रोलर व प्रि‍जमिस्टिक मशीन लूटने और जान मारने की धमकी देने का आरोप है.

 
यह है मामला

 
पिछले पांच मार्च को कैमा गांव में पुलिस व ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में पुलिस के 15 जवान घायल हो गये थे. इनमें से तीन जवानों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया था. पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने कोयला खनन का कार्य करने वाली कंपनी का ड्रोन जब्त कर लिया था. उसी ड्रोन कैमरे को मुक्त कराने के लिए पुलिस जब गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर आदि से हमला कर दिया था. वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस बिना कुछ बताए गांव के दो लोगों को पकड़ कर ले जा रही थी. विरोध करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने आत्मधरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की थी.


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