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लातेहार : लंपी वायरस के कहर से महुआडांड़ के पशुपालक परेशान

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Suresh Yadav  Mahuadand (Latehar) :  इन दिनों प्रखंड के पशुपालक खासे परेशान हैं. उनकी परेशानी की वजह लंपी वायरस है. इन दिनों मवेशियों में लंपी वायरस का प्रकोप देखा जा रहा है. इसकी वजह से अबतक कई (पशुओं) मवेशियों की मौत हो गयी है. इसमें सफरुल अंसारी, बिपिन मुंडा, बर्मा मुंडा, कृष्णा यादव, रामजी यादव, दशरथ मुंडा और अरुण मुंडा के मवेशी शामिल हैं. लंपी वायरस का टीका और दवाईयां प्रखंड पशु चिकित्सालय में उपलब्ध भी नहीं है. ऐसे में पशु पालकों को काफी परेशानी हो रही है. दूसरी ओर प्रखंड में पशु चिकित्सक नहीं होने के कारण वे चिकित्सीय परामर्श भी नहीं ले पा रहे हैं.  बता दें कि लंपी वायरस होने पर पशु (मवेशी) के शरीर पर पहले एक दो गोल घाव जैसे निकलता है. इसके बाद यह पूरे शरीर में फैल जाता है. फिर उस मवेशी की मौत हो जाती है. (पढ़ें, चंदवा">https://lagatar.in/chandwa-football-tournament-for-boys-and-girls-from-september-17-in-banhardi/">चंदवा

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बछड़ों में लंपी वायरस के दिख रहे हैं अधिक लक्षण - राजीव कुमार

जेएसएआई के पशुधन सहायक राजीव कुमार से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन लंपी वायरस के मामले आ रहे हैं. एक से डेढ़ साल के बछड़ों में खासकर ऐसे लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं. प्रखंड में गोट पाॅक्स टीका नहीं होने के कारण बोटोक्स और किलनील दवाइयों का कीटाणुओं को नाश करने के लिए उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि इस बीमारी से बचाव के लिए गौशाला में नमी नहीं रखें. गौशाला को हमेशा सूखा व साफ रखें. यदि किसी पशु में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे अन्य पशुओं से अलग रखें. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/bihar-teacher-recruitment-examination-candidates-created-ruckus-due-to-non-biometric-test/">बिहार

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