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लातेहार : एसपी से ठेकेदार ने लगाई गुहार, हरैया मेले में पशु लेकर आ रहे व्यापारियों को किया जा रहा परेशान

Chandwa : चंदवा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरैया में हर वर्ष लगने वाले पशु मेला में इस वर्ष पशु व्यपारियो के नहीं पहुंचने से मेला प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों के मेला स्थल पर नहीं पहुंचने से मेले के ठेकेदार को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस संबंध में ठेकेदार रियाज खान उर्फ बाबर खान ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और लातेहार पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. आवेदन के माध्यम से कहा गया है कि पशु लेकर मेले में आ रहे पशु व्यपारियो को मनिका, बालूमाथ और कुडू थाना की पुलिस के द्वारा रोककर परेशान किया जा रहा है,. मनिका थाना क्षेत्र में बजरंग दल के लोगों के द्वारा पशु व्यपारियों से उनके जानवर छीन कर ग्रामीणों के बीच बांट दिया गया जिससे व्यपारियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है. पशु व्यापारी काफी डरे सहमे हुए हैं. पशु व्यापारियों ने इसकी शिकायत मेले के ठेकेदार से की जिसके बाद ठेकेदार के द्वारा इस संबंध में कृषि मंत्री और पुलिस अधीक्षक महोदय को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. इसे भी पढ़ें :झारखंड">https://lagatar.in/six-international-level-roads-will-be-built-in-jharkhand-parasnath-rajrappa-and-deoghar-will-be-connected-to-holi-tourist-corridor/">झारखंड

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इलाके में प्रसिद्ध है हरैया पशु मेला

इलाके में हरैया पशु मेला काफी प्रसिद्ध है. हर वर्ष बरसात से पूर्व लगने वाले इस मेले में दूर दूर से लोग जानवर की खरीददारी करने पहुंचते हैं. बताया जाता है कि लोग अपने जानवर को यहां बेचने और फिर जानवर खरीदने के लिए भी यहां पहुंचते हैं. मेले में खेती योग्य और दुधारू पशुओं की बड़े पैमाने पर खरीद बिक्री की जाती है, जिससे सरकार को भी लाखो रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती है. पशु व्यापारियों के नही पहुंचने से मेला स्थल पर इस वर्ष सन्नाटा पसरा हुआ है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/mmmm-6.jpg"

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कोरोना के कारण दो वर्ष नहीं लगा मेला

कोरोना काल के दो वर्ष बीतने के बाद इस वर्ष मेला लगाने के लिए प्रशासन ने इजाजत दी है. बीते दो वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए मेले पर रोक लगा दी गई थी. दो वर्ष बाद मेला लगने से लोगो मे खासा उत्साह देखा जा रहा है. छोटे बड़े व्यापारी यहां लाखो का कारोबार करते हैं. लोग मेले में शादी ब्याह के लिए भी बड़े पैमाने पर खरीददारी करने पहुंचते हैं. इसे भी पढ़ें : जमीन">https://lagatar.in/land-brokerage-at-its-peak-brokers-looting-land-by-fighting-brothers/">जमीन

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37 लाख रूपये में मेले की डाक

37 लाख 39 हजार 700 रूपये में बोली लगाकर ठेकेदार रियाज खान उर्फ बाबर खान ने ठेका लिया. मेले में सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति पशु कारोबार से ही प्राप्त होता है. ऐसे में अगर पशु व्यापारी मेले में नहीं पहुंचते हैं तो ठेकेदार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उपरोक्त घटना के बाबत चंदवा थाना प्रभारी कहते हैं कि यह मेरे थाना क्षेत्र की घटना नहीं है और मेरे क्षेत्र में इस तरह की घटना की कोई सूचना नहीं है. [wpse_comments_template]

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