Search

लातेहार : सावन में मून बाबा के गुफा में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

Ashish Tagore Latehar :   पवित्र सावन माह में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपने एवं अपने परिवार की सुख शांति की कामना करते हैं. सावन माह में झारखंड के देवघर समेत कई राज्यों में कांवर यात्रा निकलती है. लातेहार में भी एक ऐसा ही स्थल है, जहां लोग मीलों पैदल चल कर भगवान शिव को जल अर्पित करने आते हैं. यह स्थल लातेहार के गोटांग पहाड़ी पर अवस्थित मून बाबा (भगवान शिव) के नाम से प्रसिद्ध गुफा है. सावन माह की सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालु ऊंचे-नीचे पहाड़ी रास्तों से चल कर मून बाबा की गुफा पहुंचते हैं और यहां भगवान शिव की पूजा करते हैं. इस दिन यहां श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है. (पढ़ें, चमोली">https://lagatar.in/big-accident-in-chamoli-10-dead-due-to-electrocution-in-namami-gange-project-many-scorched/">चमोली

में बड़ा हादसा, नमामि गंगे प्रोजेक्ट में करंट लगने से 10 की मौत, कई झुलसे)

कहा है मून बाबा की गुफा 

लातेहार शहर से पश्चिम दिशा की ओर तकरीबन 14 किलोमीटर की दूरी पर गोटांग की पहाड़ी पर मून बाबा की गुफा है. यह गुफा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है. लातेहार के बेंदी रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी छह किलोमीटर है और यह समुद्र तल से तकरीबन एक हजार मीटर की ऊंचाई पर है. लातेहार शहर से परसही रोड होकर निजी वाहन से औरंगा नदी तट तक पहुंचा जाता है. इसके बाद बेंदी ग्राम आता है. जहां से पश्चिम की ओर जाने वाली कच्ची सड़क पर चलने से तकरीबन एक किलोमीटर की दूरी पर एक-दो छोटे जलाशय मिलते हैं. इसके बाद एक मध्यम ऊंचाई की पहाड़ी आती है. इसे बचरा पहाड़ी कहते हैं.

बचरा पहाड़ी से शुरू होती है पैदल यात्रा

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Untitled-12-11.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> बचरा पहाड़ी से श्रद्धालुओं की पैदल यात्रा शुरू होती है. इसे पार करने में करीब 25- 30 मिनट लगते हैं. इसके बाद एक छोटी बरसाती नदी को पार करने पर गोटांग पहाड़ी मिलती है. तकरीबन दो से तीन किलोमीटर लंबी चढ़ान के बाद तलहटी में इंद्र दावान झरना है, जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं और झरना का पानी लेकर नंगे पांव पहाड़ी की चढ़ाई करते हैं. घने वृक्ष, लता और श्वेत पुष्पों से भरी दुर्गम पथरीले राह लोगों में रोमांच पैदा करती है. करीब 45 मिनट की पैदल यात्रा के बाद मून बाबा की गुफा में पहुंचा जाता है. यहां करीब 10 फीट लंबा, सात फीट चौड़ा और आठ फीट उच्चा मंदिर है. मंदिर के गर्भगृह में तीन प्रतिमाएं स्थापित हैं. लोग यहां श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करते हैं. इसे भी पढ़ें : लातेहार:">https://lagatar.in/latehar-nagpuri-film-nasoor-was-a-blockbuster-broke-the-myths-of-people-manoj-kumar-lover/">लातेहार:

नागपुरी फिल्म नासूर हुई थी ब्लॉकबस्टर, तोड़ दिए थे लोगों के मिथक- मनोज कुमार प्रेमी
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//