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लातेहार : 7 महीने से खाली है DDC की कुर्सी, 2 साल से DRDA निदेशक पद पर नहीं हुई पोस्टिंग

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Ashish Tagore Latehar: बीते सात महीनों से लातेहार जिला उप विकास आयुक्त का पद रिक्त है. 31 जनवरी 2023 को तत्कालीन उप विकास आयुक्त सुरेंद्र कुमार वर्मा सेवानिवृति हो गये. उसके बाद से जिला में डीडीसी का पद खाली है. एक फरवरी से अपर समार्हत्ता आलोक शिकारी कच्छप डीडीसी के अतिरिक्त प्रभार में हैं. इसी प्रकार जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक का पद 27.10.2021 से ही रिक्त है. हालांकि बताया जाता है कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को जिला परिषद में मर्ज किया जायेगा, इस कारण डीआरडीए के निदेशक पद पर किसी की पोस्टिंग नहीं की जा रही है. उप विकास आयुक्त ही डीआरडीए निदेशक के प्रभार में थे. इस प्रकार अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप यहां डीआरडीए निदेशक के भी प्रभार में हैं. बता दें कि लातेहार जिला एक मेसो क्षेत्र है. यहां आदिवासियों की बहुलता अधिक है. आदिवासियों की विकास की योजनाएं समेकित जनजाति विकास अभिकरण (आईटीडीए) व कल्याण विभाग के द्वारा संचालित की जाती है. लेकिन बीते 31 जुलाई को आईटीडीए के निदेशक बिंदेश्वरी ततमा सेवानिवृत हो गये. उसके बाद यहां किसी परियोजना निदेशक की पोस्टिंग नहीं की गयी. 31 जुलाई के बाद से ही यह पद रिक्त है और अपर समार्हत्ता आलोक शिकारी कच्छप इसके अतिरिक्त प्रभार में हैं. जिला कल्याण पदाधिकारी के रूप में विष्णु प्रसाद पंडित पदस्थापित थे. उनके रिटायरमेंट के बाद यहां जिला कल्याण पदाधिकारी की पोस्टिंग नहीं की गयी है. अपर समार्हत्ता आलोक शिकारी कच्छप ही जिला कल्याण पदाधिकारी के चार्ज में हैं. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि जिले में वरीय अधिकारियों की पोस्टिंग नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है. इसे भी पढ़ें - जिला">https://lagatar.in/supreme-court-sought-response-from-the-government-on-the-petition-filed-regarding-the-district-judge-recruitment-examination/">जिला

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उपायुक्त को नहीं मिली पूरी टीम

बीते एक माह के अंदर जिला में उपायुक्त समेत आधा दर्जन से अधिक वरीय अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है. नव पदस्थापित उपायुक्त हिमांशु मोहन ने 26 जुलाई को लातेहार में अपना योगदान दिया है. अगर यह कहें कि उपायुक्त मोहन को जिला में कार्य करने के लिए पूरी टीम नहीं मिल पायी तो गलत नहीं होगा. डीडीसी से लेकर आईटीडीए निदेशक तक के महत्वपूर्ण पोस्ट खाली मिले. इतना ही नहीं पूर्व में जितने भी पदाधिकारी थे, सबों का एक माह के अंदर तबादला हो गया. कई ऐसे भी पदाधिकारी थे, जो जिले को भली भांति जान गये थे. उन अफसरों का भी तबादला हो गया है और अब जो नये पदाधिकारी आये हैं. उन्हें यहां अपने कार्यालय को व्यविस्थत करने और जिला को जानने में समय लगेगा. इसे भी पढ़ें -प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/pm-modi-arrives-in-south-africa-to-attend-brics-conference-har-har-modi-slogans-raised/">प्रधानमंत्री

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