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लातेहार : बैद्यनाथ राम व रामचंद्र सिंह को मंत्री बनाने की मांग ने जोर पकड़ी

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एनडीए सरकार में बैद्यनाथ राम रह चुके हैं खेलकूद मद्य निषेध, स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री तीन बार विधायक रह चुके हैं रामचंद्र सिंह, चुने जा चुके हैं उत्कृष्ट विधायक Ashish Tagore Latehar: तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शुक्रवार को शपथ ली. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. चंपई सोरेन के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम और राजद के इकलौते विधायक सत्यानंद भोक्ता ने झारखंड कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली है. चंपई सोरेन के मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक बैद्यनाथ राम और मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह को केबिनेट मंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है. इसे भी पढ़ें-भाजपा">https://lagatar.in/bjps-taunt-all-opposition-leaders-want-to-become-pm-congress-said-public-is-aware-government-should-not-spread-confusion/">भाजपा

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एनडीए सरकार में चार मंत्रालय संभाल चुके हैं बैद्यनाथ राम

बैद्यनाथ राम को एक अनुभवी राजनेता माना जाता है. उन्होंने एनडीए सरकार में चार-चार मंत्रालयों का दायित्व बखूबी संभाला है. हालांकि एक शिक्षक से लेकर मंत्री तक उनका सफर कम दिलचस्प नहीं है. वे सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षक थे. बाद में राजनीति में आ गये. साल 2000 के विधानसभा चुनाव में बैद्यनाथ राम भाजपा से टिकट पाने के प्रबल दावेदार थे. लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया. इसके बाद पब्लिक डिमांड में उन्होने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. बाद में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़े और विजयी हुए. तत्कालीन सरकार में उन्हें खेल मंत्री बनाया गया. बाद में उन्हें मद्य निषेध व शिक्षा मंत्री भी बनाया गया. साल 2005 में बैद्यनाथ राम ने जेडीयू छोड़ कर पुन: भाजपा में आ गये. घर वापसी के बाद 2005 विधानसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़े और विजयी रहे. सरकार में शिक्षा मंत्री बने. साल 2009 में उन्हें बीजेपी के टिकट से हार का सामना करना पड़ा. 2014 में बैद्यनाथ राम विधानसभा चुनाव नहीं लड़े. साल 2019 में जब बीजेपी से उन्हें टिकट नहीं दिया तो वे झामुमो में शामिल हो गये और झामुमो के टिकट पर चुनाव जीते. हालांकि चुनाव जीतने के बाद कयास लगाया जा रहा था कि झामुमो की सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. बता दें कि पिछले साल विधानसभा सत्र के दौरान बालूमाथ में अस्पताल की मांग को ले कर बैद्यनाथ राम अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना में बैठ गये थे. अब जबकि चंपई सोरेन मुख्यमंत्री बनें है तो बैद्यनाथ राम को मंत्री बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-rajiv-ranjan-appointed-advocate-general-decision-taken-in-champai-sorens-cabinet/">रांची

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उत्कृष्ट विधायक चुने गये हैं रामचंद्र सिंह

मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह गत वर्ष झारखंड के उत्कृष्ट विधायक चुने जा चुके हैं. 23 वें झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर उन्हें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. रामचंद्र सिंह को भी चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में मंत्री बनाने की मांग बलवती होती जा रही है. लोगों का कहना है कि रामचंद्र सिंह तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं. उन्हें चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए. विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव ने कहा कि रामचंद्र सिंह को उत्कृष्ट विधायक चुना गया है, ऐसे में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए. [wpse_comments_template]

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