Latehar: शहर के धर्मपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के वंदना सभागार में ग्रीष्मावकाश की उपयोगिता विषय पर चर्चा गोष्ठी का आयोजन किया गया. प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी व वरिष्ठ आचार्य ओंकार नाथ सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित व पुष्पाजंलि कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. मौके पर प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश छात्रों को नये कौशल और प्रतिभा विकसित करने का अवसर प्रदान करती है. उन्होंने ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग करने एवं दिये गये गृह कार्यों को पूरा करने की अपील की. ग्रीष्मावकाश की उपयोगिता विषय पर भूमिका रखते हुए आचार्या रेनू गुप्ता ने कहा कि अपने अंदर की कमियों को खोज कर हम उसे ठीक करने में अवकाश का उपयोग कर सकते हैं. यदि कोई किसी विषय में कमजोर है तो उस विषय का अभ्यास कर उसे मजबूत किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें :
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वहीं आचार्य ओंकार नाथ सहाय ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है. शारीरिक क्षमता का विकास आसन, प्राणायाम व योग के माध्यम से किया जा सकता है. पढ़ाई के अलावा जिन गतिविधियों में रूची होती उसे अवकाश में पूरा किया जा सकता है. ग्रीष्म अवकाश की छुट्टी एक लंबी अवधि की छुट्टी होती है. हमें एक समय सारणी बनानी है और उसका पालन करना है. जैसे कब जगना है, कब पढ़ाई करनी है और कब खेलना है. मौके पर कई छात्र व शिक्षक उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें :
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