Sunil Kumar Latehar: जिला मुख्यालय स्थित कई बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान इन दिनों आर्थिक संकट की स्थिति से जूझ रहे हैं. जिला मुख्यालय स्थित रिलायंस ट्रेंड्स, उज्जैन मार्ट,स्पाइसी विलेज ,हीरा वस्त्रालय जैसी कई नामी गिरामी और शहर के टॉप कमर्शियल पॉइंट पर स्थित संस्थान बंद हो चुके हैं. कई संस्थान बंदी के कगार पर पहुंच चुके हैं. गौरतलब है कि जिला मुख्यालय आर्थिक संकट की स्थिति पिछले कई महीनों से जूझ रहा है. आर्थिक संकट की स्थिति से जूझ रहे जिला मुख्यालय के कई प्रतिष्ठित संस्थान दिन-ब-दिन बंद होते जा रहे हैं. देश का मशहूर रिलायंस ट्रेंड्स मॉल के बंद होने के बाद कई संस्थाओं के शटर अचानक गिरते जा रहे हैं. रिलायंस ट्रेंड्स, उज्जन डिपार्टमेंटल स्टोर शहर के सबसे मुख्य स्थान पर स्थित मशहूर रेस्टोरेंट स्पाइसी विलेज पुराने बस स्टैंड स्थित हीरा वस्त्रालय बंद हो चुके हैं. बताया जाता है कि जिला के आसपास के प्रखंडों में पैसे का फ्लो जिला मुख्यालय के बनिस्पत कहीं अधिक है. बालूमाथ और महुआडांड़ में दिन प्रतिदिन नये मॉल और प्रतिष्ठान खुल रहे हैं. मनिका और चंदवा में भी काफी विकास हो रहा है. लेकिन लातेहार जिला मुख्यालय में विकास की गति रुक सी गई है. सरकार का ध्यान सिर्फ होल्डिंग टैक्स और लाइसेंस शुल्क की वसूली पर ही टिकी हुई है. इसे भी पढ़ें - कोरोना">https://lagatar.in/side-effects-of-corona-vaccine-covaxin-also-reported-bhu-study/">कोरोना
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बेतहाशा टैक्स वृद्धि से कई संस्थान हो गये बंद
वहीं बेतहाशा टैक्स वृद्धि के बाद कई संस्थाओं को बंद करना पड़ा है. जिला मुख्यालय शहरी क्षेत्र होने की वजह से हमेशा टैक्स अधिकारियों के निशाने पर रहता है. मार्च महीने से होल्डिंग टैक्स और व्यापारिक लाइसेंस शुल्क वसूली की प्रक्रिया काफी कड़ी कर दी जाती है. बताया जाता है कि राज्य का सर्वाधिक अधिक दर लातेहार अधिसूचित क्षेत्र की होल्डिंग टैक्स की है. राज्य के मशहूर व्यापारिक शहर जमशेदपुर और धनबाद से भी लगभग दोगुना होल्डिंग टैक्स लातेहार शहर में वसूला जा रहा है. दूसरी ओर जिला मुख्यालय में सड़कों की संकीर्णता प्रमुख समस्या है. जिला मुख्यालय की कई रोड पूरी तरह से अतिक्रमण के कारण खरीदारों से कट गये हैं. वाहनों के पड़ाव की कोई व्यवस्था नहीं होने से मुख्य मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठानों में ग्राहक जाने से कतराते हैं. शहर के उत्तर स्थित लातेहार हेरहंज भाया नवादा रोड जो एक महत्वपूर्ण सड़कों में आता है. जहां तूबेद कोलियरी ,मगध अम्रपाली कोलियरी समेत राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान, बनवारी कॉलेज ,होटल दी कार्निवल, डीवीसी ऑफिस,पर्यटक स्थल ललमटिया डैम, डाटम-पाटम फॉल और कई रिहायशी बड़े संस्थान स्थित हैं. यहां मार्ग की संकीर्णता की वजह से लोग नहीं जाना चाहते हैं. इस मार्ग पर स्थित कई व्यापारिक संस्थान भी बंदी के कगार पर पहुंच चुके हैं. शहर के दक्षिण स्थित धर्मपुर मोहल्ले की है, जहां सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव है. दुकान के सामने कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. जिसकी वजह से लोग इस मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठानों में आना-जाना लगभग बंद कर चुके हैं.जिला प्रशासन को होना होगा सक्रिय - संचालक
जिला मुख्यालय स्थित बड़े व्यापारिक संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि समय रहते जिला प्रशासन अगर इस और मुखर नहीं होता है, तो कई बड़े व्यवसायिक संस्थान बंद होने को विवश होंगे. उधर कुछ व्यापारिक संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि ऑनलाइन मार्केटिंग की वजह से भी कई स्थापित व्यवसाय बंदी की कगार पर हैं. लोगों का झुकाव ऑनलाइन मार्केटिंग की ओर काफी है. जिसकी वजह से उनके प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है. इसे भी पढ़ें -रिम्स">https://lagatar.in/rims-director-inspected-the-hospital-premises-got-angry-after-seeing-the-chaos/">रिम्सनिदेशक ने अस्पताल परिसर का किया निरीक्षण, अव्यवस्था देख भड़के [wpse_comments_template]
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