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लातेहार : बरसात में घर हो गया था जमींदोज, वृद्धा पेड़ के नीचे रहने को विवश

Sunil Kumar Latehar : शहर के बड़का बानपुर मोहल्ला निवासी परमेश्वर भुइयां की पत्नी फूलों कुंवर पिछले तीन-चार महीनों से पेड़ के नीचे रहकर अपना गुजर बसर कर रही है. भुक्तभोगी के अनुसार उसके पति जीवित नहीं है. एक बेटा वर्षों से जेल में है. पुश्तैनी मिट्टी के मकान के एक भाग में वह रहती थी, जो पिछले बरसात में ध्वस्त हो गया है. तब से वह पेड़ के नीचे प्लास्टिक बांधकर अपना जीवन बसर कर रही है. वृद्धा का कहना है कि उसका दूसरा बेटा का घर है, लेकिन उसका बेटा एवं पतोह मांस मदिरा का सेवन करते हैं और वह सनातन धर्म को मानती है. इसलिए वह नियमित मांस मदिरा का सेवन करने वालों के साथ नहीं रहना चाहती है. उसका कहना है कि उसके कमरे में मांस मदिरा का सेवन करके वे लोग नहीं आयें, लेकिन उसका बेटा-पतोह मानने को तैयार नहीं था. इसलिए वह पेड़ के नीचे रहने को विवश है. लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र में पड़ने वाला बड़का बानपुर प्रारंभ से उपेक्षित रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी बानपुर एवं बड़का बानपुर के प्रति उदासीनता रही है. रोज उस रास्ते से सैकड़ों लोग आते-जाते हैं, लेकिन उस पर किसी की दृष्टि नहीं पड़ती है.

एक अदद आवास की जरूरत

शुभम संदेश की टीम ने जब उसके बारे में जानकारी ली तो उसमें एक उम्मीद जगी है. उसने कहा कि अभी तक कोई सुध लेने नहीं आया था, आपलोग आये हैं तो शायद एक अदद आवास मिल जाये. अन्य सरकारी लाभों से महरूम फूलों कुंवर बताती है कि पिछले 40-45 वर्षों से वह देवी माता की पुजारिन है. वह बिना लहसुन प्याज के सात्विक भोजन स्वयं अपने हाथों से लकड़ी के चूल्हे पर बनाकर उसका सेवन करती है. उसके बच्चों का व्यवहार सीधा विपरीत है. जिसके कारण वह अपनी पुश्तैनी मकान के एक भाग में रह रही थी, जो पिछले बरसात में ध्वस्त हो गया है. वह प्रशासन से मदद के रूप में एक अदद आवास की मांग कर रही है. इसे भी पढ़ें : नहीं">https://lagatar.in/water-in-hell-trouble-will-increase/">नहीं

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