Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

लातेहार : सदन में विधायक ने इको सेंसेटिव जोन हटाने की मांग की

Advertisement
Advertisement
Barwadih, Latehar:: मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान शनिवार को कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला राष्ट्रीय उद्यान, पलामू वन्य प्राणी आश्रयणी एवं महुआडांड़ आश्रयणी का अधिकांश भू-भाग उनके मनिका विधानसभा क्षेत्र मे आता है. इन क्षेत्रों को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है. इसकी परिधि में किसी तरह का प्रदूषण युक्त कार्य अथवा व्यापार करना प्रतिबंधित है. इस कारण यहां के लोग मात्र कृषि एवं मजदूरी पर आश्रित है. लोगों के पलायन का यह मुख्य कारण है. विधायक ने जीविकोपार्जन के लिए इन क्षेत्रों में पर्यटन, कृषि, सिंचाई व गृह उद्योग आधारित कार्य विशेष पैकेज के तहत मुहैया कराने की मांग की. उन्होने नियमानुकूल इको सेंसेटिव जोन के परिधि क्षेत्र को भी कम करने की मांग की. इसे भी पढ़ें-गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-cm-champai-soren-gifted-schemes-worth-rs-93-crore/">गढ़वा

: सीएम चंपाई सोरेन ने 93 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात

बरवाडीह को अनुमंडल और छिपादोहर को प्रखंड बनाने की मांग

सरकार की ओर से बताया गया कि वन्यप्राणी संरक्षण एवं स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखकर इसका दायरा अधिकतम सात किमी अधिसूचित की गई है. इको सेंसेटिव जोन के अंदर आने वाले क्षेत्रों में प्रदूषण एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा में संकट उत्पन्न करने वाले कार्यों यथा वाणिज्यिक खनन, जल, वायु, मृदा, ध्वनि आदि प्रदूषण करने वाले उद्योग की स्थापना पर पूर्णत रोक लगायी गयी है. लेकिन स्थानीय लोगों के जीविकोपार्जन से संबंधित वाणिज्यिक होटल व रिसोर्ट की स्थापना, समनिर्माण क्रियाकलाप, प्रदूषण न उत्पन्न करने वाले उद्योग, इको टूरिज्म कार्य आदि जैसे कुल उनतीस कार्यों पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है. विधायक रामचंद्र सिंह ने बरवाडीह को अनुमंडल और छिपादोहर को प्रखंड बनाने का मामला भी उठाया. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/whose-head-will-bjp-crown-in-dhanbad/">धनबाद

में भाजपा किसके सर सजायेगी ताज ?
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही