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लातेहार : नेतरहाट में नक्सलियों ने पांच ग्रामीणों को बेरहमी से पीटा, एक की मौत

Ashish Tagore Latehar :  जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र स्थित दौना गांव में बुधवार रात माओवादियों ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर मार डाला. मृतक की पहचान देव कुमार प्रजापति के रूप में हुई है. पुलिस मुखबीर होने के आरोप में माओवादियों ने देव कुमार प्रजापति की पिटाई की. घटना को अंजाम देने के बाद भाकपा माओवादियों के कोयल जोनल शंख कमिटी ने गांव के स्कूल की दीवार पर लिखकर इसकी जिम्मेवारी ली. उन्होंने दीवार पर लिखा कि पुलिस की दलाली, मुखबीरी व एसपीओ का काम छोड़ दो और झारखंडी जनता की असली समस्या विस्थापन एवं पलायन विरोधी आंदोलन पर जोर दो. (पढ़ें, कोडरमा">https://lagatar.in/koderma-uncontrolled-bike-collided-with-a-tree-one-dead-another-injured/">कोडरमा

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नक्सलियों ने पुरानडीह और दौना गांव के पांच लोगों की जमकर पिटाई की 

सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित पुरानडीह और दौना गांव में रात को माओवादियों का हथियारबंद दस्ता पहुंचा और कुछ ग्रामीणों को खोजने लगा. इस दौरान माओवादियों ने पांच ग्रामीणों के साथ मारपीट की. पहले उन्होंने दुरूप पंचायत के पुरानडीह गांव के पति वृजिया व बबलू अंसारी को पीटा. इसके बाद वे दौना गांव पहुंचे. यहां उन्होने भूषण मुंडा और मनराज प्रजापति को लाठी-डंडों से पिटाई की. बाद में इसी गांव के देव कुमार प्रजापति को घर से जबरन उठा कर ले गये. परिवार वालों ने जब उनका पीछा किया तो उनलोगों ने उन्हें धमकाया. उसे स्कूल के पास ले जाकर पीटा. जब वह अधमरा हो गया तो नक्सली वहां से चले गये. नक्सलियों के जाने के बाद देव कुमार प्रजापति के परिजन उसे गंभीर अवस्था में घर ले गये. लेकिन उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है. गांव के लोग भी न सिर्फ सदमे हैं वरन डरे-सहमे भी हैं.

एक दिन पहले भी गांव आये थे माओवादी

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alt="" width="600" height="400" /> पुलिस लाख दावा कर लें कि क्षेत्र से माओवादियों का पलायन हो गया है. लेकिन हकीकत यह है कि आज भी नक्सली गांव में हैं. इस घटना से तो यही साबित होता है. माओवादी दो दिन पहले भी इस गांव में आये थे और कुछ ग्रामीणों को खोज रहे थे. हालांकि उस समय ग्रामीण नक्सली को नहीं मिले. इसलिए वह वापस लौट गये थे. लेकिन गांव में नक्सलियों के आने की भनक पुलिस को नहीं लगी. इसके बाद नक्सली फिर गांव आये और इस घटना को अंजाम दिया. इसे भी पढ़ें : अहमदाबाद">https://lagatar.in/ahmedabad-speeding-car-rams-into-crowd-gathered-at-accident-site-9-killed-13-injured/">अहमदाबाद

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घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल

नक्सलियों के लिए यह इलाका शुरू से ही सुरक्षित क्षेत्र रहा है. सुदूर व दुर्गम क्षेत्र होने के कारण आज भी इस क्षेत्र में आवागमन सुगम नहीं है. ग्रामीण बताते हैं कि काफी दिनों के बाद नक्सलियों ने मुखबीरी के आरोप में ग्रामीणों के साथ मारपीट की है. इस घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है. [wpse_comments_template]

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