Mahuadand (Latehar): महुआडांड़ प्रखंड का दुरूप पंचायत अति नक्सल प्रभावित माना जाता है. इसी पंचायत के दुरूप और दौना गांव में पिछले चार सालों से बिजली नहीं है. गांव तक लाये गये बिजली के तार बच्चों के लिए झूले का काम कर रहा है. बच्चे रोज इन तारों को झूला बनाकर उस पर झूलते हैं. वहीं अब ग्रामीणों ने भी झूलते तारो को अपने काम में लाना शुरू कर दिया है. महिलायें इन तारों पर कपड़े सूखातीं हैं. चार सालों तक बिजली आपूर्ति नहीं होने से कई जगहों पर बिजली के पोल गिर गये हैं. इसे भी पढ़ें-गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-police-alert-regarding-security-arrangements-searched-train-bogies-interrogated-passengers/">गिरिडीह
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कई बार गुहार लगा चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने गांव में बिजली सेवा बहाल कराने के लिए बिजली विभाग समेत आला अधिकारियों से गुजारिश की. मामले को लेकर पिछले दिनों आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भी आवेदन दिया . लेकिन अभी तक गांव में बिजली सेवा बहाल नहीं की गयी. लोगों का कहना है कि पिछले चार सालों से बिजली के बिना रहना दूभर हो गया है. आज भी इन दोनो गांवों के लोग ढिबरी युग में जी रहे हैं. उस पर जन वितरण प्रणाली के दुकानों मे किरासन तेल के वितरण में कटौती कर दी गयी है, इससे परेशानी और बढ़ गयी है. लोग रात मे लकडि़यां जला कर अपना काम करते हैं. लोगों ने बिजली सेवा जल्द बहाल कराने की मांग की है. इसे भी पढ़ें-बिहारः">https://lagatar.in/bihar-police-team-attacked-mob-freed-rewarded-criminal/">बिहारःपुलिस टीम पर हमला, इनामी अपराधी को छुड़ा ले गई भीड़ [wpse_comments_template]
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