करोड़ अवैध खनन मामला : साहिबगंज एसपी को ईडी भेजेगी समन)
बचपन से ही प्रभु की सुमिरन और भक्ति में लीन रहते थे संत रविदास
प्रधानाचार्य चौधरी कहा कि संत रविदास बचपन से ही प्रभु की सुमिरन और भक्ति में लीन रहते थे. उनकी प्रतिभा देखकर स्वामी रामानंद ने उन्हें अपना शिष्य बनाया था. संत रविदास ने समाज में व्याप्त लोभ, दुख, दरिद्रता, अस्पृश्यता को समाप्त करने का प्रयास किया. जयंती प्रमुख फुलचंद सिंह ने संत शिरोमणि रविदास द्वारा किये गये सामाजिक कार्यों और वर्ग विहीन समाज की परिकल्पना को समझाने का प्रयास किया. आलोक पांडेय ने संत तुलसीदास की दोहा कर्म प्रधान विश्व करि राखा, जो जस करही सो तस फल चाखा के मर्म को छात्रों को बताया. मौके पर विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपिस्थत रहीं. इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/first-ndrf-team-from-india-leaves-for-turkey-relief-material-also-sent/">भारतसे NDRF की पहली टीम तुर्की के लिए रवाना, राहत सामग्री भी भेजी गयी [wpse_comments_template]

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