Mahuadand, Latehar: महुआडांड़ प्रंखड के सुदूरवर्ती डुंबरडीह गांव में पानी की समस्या विकराल बनी हुई है. प्रखंड मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर और छत्तीसगढ़ सीमा से लगभग दस किलोमीटर दूरी पर स्थित डुंबरडीह गांव में आदिवासी जाति के करीब पचास घर है. यहां करीब चार से पांच सौ लोग निवास करते हैं. विडंबना यह है कि आजादी के 75 सालों के बाद भी इस गांव के लोग बरसाती नाला और चुआड़ी का दूषित पानी पीने को विवश हैं. बरसात के दिनों में गंदे नाले का पानी पीने गांव में महामारी होने का खतरा बना रहता है. पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से पानी जनित बीमारियों के लोग शिकार हो रहे हैं. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-illegal-brick-kilns-are-blazing-on-the-chest-of-katari-river-threat-to-the-existence-of-the-river/">धनबाद
: कतरी नदी की छाती पर धधक रहे अवैध ईंट भट्ठे, नदी के आस्तित्व पर संकट
से जयप्रकाश वर्मा निर्दलीय आजमाएंगे भाग्य
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: कतरी नदी की छाती पर धधक रहे अवैध ईंट भट्ठे, नदी के आस्तित्व पर संकट
पठारी क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या
प्रखंड के पठारी क्षेत्र में इस भीषण गर्मी में पीने के पानी समस्या बढ़ गई है. नेतरहाट पंचायत के ग्राम आधे कोरोगी, सिरसी, नैना व अक्सी पंचायत के ग्राम तिसिया, जामडीह, बंदुआ व ओरसापाठ , चापीपाठ, चोरमुंडा और आराहंस जैसे पठरी क्षेत्र में ग्रामीण नदी में चुआं व प्राकृतिक चुआड़ी से पानी लाकर पी रहे हैं. पठार क्षेत्र में लगे लगभग सभी चापाकल व पंचायत मद से लगाये गये अधिकतर जलमीनार खराब हो गये हैं. चम्पा पंचायत के ग्वालखाड़ गांव में आज भी लोग वर्षों से प्राकृतिक चुआड़ी से ही पानी पीने को मजबूर है. इसे भी पढ़ें-कोडरमा">https://lagatar.in/jaiprakash-verma-will-try-his-luck-as-independent-from-koderma/">कोडरमासे जयप्रकाश वर्मा निर्दलीय आजमाएंगे भाग्य
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