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लातेहार पुलिस को बड़ी सफलता, JJMP के सब जोनल और एरिया कमांडर ने किया सरेंडर

लातेहार पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) संगठन का सब-जोनल कमांडर 5 लाख इनामी ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित ने आत्मसमर्पण किया है.
 

Latehar :   लातेहार पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) संगठन का सब-जोनल कमांडर 5 लाख इनामी ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित ने आत्मसमर्पण किया है.

 

दोनों उग्रवादियों ने बुधवार को पलामू के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, लातेहार एसपी कुमार गौरव, सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर और एसएसबी 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश कुमार के समक्ष सरेंडर किया.  इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गुलदस्ता और बुके देकर स्वागत किया और इनामी नक्सली ब्रजेश यादव को पांच लाख रुपए का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा. 

 

आत्मसमर्पण करें, नहीं तो पुलिस कार्रवाई में मारे जाएंगे

पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि जिला अब पहले जैसा नहीं रहा. इसमें काफी बदलाव आया है. पुलिस और प्रशासन के निरंतर प्रयासों से साल 2025 में अब तक 21 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं. आज 5 लाख के इनामी समेत दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. आईजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जंगलों में छिपे नक्सली जल्द आत्मसमर्पण करें, नहीं तो पुलिस कार्रवाई में मारे जाएंगे. 

 

अभियान और जनता के सहयोग से टूट रहा नक्सलियों का हौसला

एसपी कुमार गौरव ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाये जा रहे अभियान और जनता के सहयोग की वजह से नक्सलियों का हौसला टूट रहा है. उन्होंने कहा कि जेजेएमपी संगठन अब खत्म होने के कगार पर है. केवल 4-5 सदस्य ही बचे हैं. एसपी ने उनसे अपील की कि वे सरेंडर कर दें, नहीं तो पुलिस मुठभेड़ में मारे जाएंगे.

 

दोनों नक्सलियों के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे हैं दर्ज

बता दें कि ब्रजेश यादव मूल रूप से गुमला जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के कठोकटवा गांव का रहने वाला है. जबकि अवधेश लोहरा लातेहार के हेरहंज थाना क्षेत्र के बंदुवा गांव का निवासी है.

 

पुलिस के अनुसार, इनामी नक्सली ब्रजेश यादव करीब 20 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था. वह पहले माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था और 2010 में गिरफ्तार होकर जेल गया था.

 

2018 में जेल से रिहा होने के बाद उसने जेजेएमपी संगठन जॉइन किया और सब-जोनल कमांडर बना. उसके खिलाफ बिशनपुर और चैनपुर थानों में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं अवधेश लोहरा पर भी 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. दोनों कई हिंसक घटनाओं और हमलों में शामिल रहे हैं.

 

 

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