"कटिया मुठभेड़ में शामिल था नागेंद्र"
एसपी ने बताया कि नागेंद्र उरांव जनवरी 2013 में हुए चर्चित कटिया मुठभेड़ में शामिल था. इस मुठभेड़ में 12 जवान शहीद हुए थे. इसके अलावा चार ग्रामीण भी मारे गये थे. मुठभेड़ के बाद शहीद जवान के शरीर में नागेंद्र ने IED बम प्लांट किया था. रांची में पोस्टमार्टम के दौरान उस जवान के पेट से IED निकला था. साल 2018 के जून माह में खपरी- महुआ के जंगल में नागेंद्र उरांव की टीम ने IED ब्लास्ट किया था. इसमे झारखंड जगुवार के छह जवान शहीद हुए थे. वर्ष 2019 में चंदवा थाना क्षेत्र के लुकईया मोड़ में पुलिस की पीसीआर वाहन को टारगेट कर अंधाधुंध फायरिंग की गयी थी और इस घटना में नागेंद्र उरांव ओपन फायर के रूप में शामिल था. इस घटना में सहायक अवर निरीक्षक व तीन गृह रक्षक जवान शहीद हुए थे. नागेंद्र उरांव पिछले 14 सालों से माओवादियों से जुड़ा हुआ है.गारू थाना क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
एसपी को गुप्त सूचना मिली कि गारू थाना क्षेत्र के मिरइया, भंवरबंधा जंगल में भाकपा माओवादी के शीर्ष कमांडर मारकुश, छोटू खेरवार, रविन्द्र गंझू, मृत्युजय भुइयां, नागेन्द्र उरांव, गोदन कोरवा, सुखलाल बुजिया अपने दस्ता के साथ 20-25 की संख्या में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे. सूचना मिलने के बाद एक टीम गठित की गयी और भंवरबंधा जंगल में छापेमारी की गयी. पुलिस को देखते नक्सली वहां से भागने लगे. पुलिस ने खदेड़ कर दो नक्सलियो को गिरफ्तार किया.छापेमारी अभियान में ये थे शामिल
छापेमारी अभियान में गारू थाना प्रभारी राजीव कुमार भगत, बारेसाढ़ थाना प्रभारी रंजीत कुमार यादव, गारू थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मोहम्मद शाहिद अंसारी, सरज कुमार, गारू थाना के सैट-06 के सअनि तारापद महतो, गारू थाना सैट-06, बारेसाढ़ थाना के सैट-02 के पदाधिकारी, हवलदार व जवान शामिल थे. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-body-of-unknown-youth-found-in-lake-fear-of-murder/">हजारीबाग: झील से मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका [wpse_comments_template]
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