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न्याय नहीं तो सत्याग्रह- परिजन
परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सत्याग्रह करेंगे. मालूम है पुलिस अनुसंधानकर्ता के द्वारा पीड़िता की धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता का बयान भी दर्ज नहीं कराया गया है. जबकि यह मामला 30 दिसंबर 2022 की है. काफी दिन बीत जाने के बाद भी धारा 164 का बयान दर्ज नहीं होना एवं बयान बदलने के लिए दबाव देने जैसी बातों से आदिवासी समुदाय में आक्रोश व्याप्त है. मालूम हो डेंटल क्लीनिक में पीड़िता बतौर नर्स काम कर रही थी. डॉक्टर ने जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर गर्भवती कर दिया और जबर्दस्ती गर्भपात भी करवा दिया. पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि दंत चिकित्सक उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने काम से हटा कर दिया. मामले की रिपोर्ट महुआडांड़ थाना कांड संख्या 25/23 दिनांक 18 अप्रैल 2023 भादवि की धारा 376, 313 एवं एससी एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जानकारी मिली है कि वह अपने निजी क्लीनिक में बेखौफ काम भी कर रहा है. इसे भी पढ़ें :फुल">https://lagatar.in/people-suffering-due-to-power-cut-despite-full-load-electricity/">फुललोड बिजली के बावजूद पावर कट से लोग बेहाल [wpse_comments_template]
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