Chandwa : चंदवा प्रखंड क्षेत्र के पंडुआ में दीपावली के दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर बाद पंडुआ के ग्रामीणों ने सोहराय जतरा का आयोजन किया. ग्रामीण पारंपरिक गाजे बाजे के साथ जतरा स्थल पर नृत्य करते रहे. इस मौके पर गांव के पाहन ने पारंपरिक रीति से पूजा पाठ कर जतरा का शुरुआत की. पारंपरिक जतरा को गांव के प्रधान फुलदेव मुंडा ने सामाजिक सौहार्द तथा प्रेम का पर्व बताया. उन्होंने कहा कि जतरा से आदिवासी समुदाय में नये रिश्ते की शुरूआत होती है. आदिवासी अपने शादी विवाह के लिए वर वधू देखने का कार्य जतरा में ही करते हैं. जतरा का आदिवासी समुदाय में विशेष महत्व है. इस मौके पर विभिन्न गांव से पहुंचे नृत्य मंडली के लोगों को मनमोहक नृत्य से लोगों का मनमोह लिया. इसे भी पढ़ें–बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-as-soon-as-the-eclipse-ended-there-was-a-crowd-in-the-kali-puja-pandals/">बहरागोड़ा
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: पारंपरिक व हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी दीपावली और गाय दाड़ [wpse_comments_template]
लातेहार : पंडुआ मे सोहराय जतरा का आयोजन, जमकर झूमे लोग

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