: विश्व आदिवासी दिवस पर डालसा ने मजदूरों को किया जागरूक
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आदिवासियों को आदिवासी होने पर गर्व- विनोद उरांव
अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप ने कहा कि आदिवासी की पहचान उसकी भाषा है और इसे किसी भी कीमत में नहीं छोड़नी चाहिए. उन्होंने आदिवासियों को भाषा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी एवं इसका लाभ लेने की अपील की. डीएसओ बंधन लांग ने भी आदिवासियों को जागरूक होकर समाज में अपनी अलग पहचान बनाने व सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने को लेकर प्रेरित किया. जिप सदस्य विनोद उरांव ने कहा की आदिवासियों को अपने आदिवासी होने का गर्व करना चाहिए. क्योंकि संसार के समस्त मानव समुदायों में सिर्फ आदिवासी ही हैं, जो प्रकृति का बिना दोहन किए उनके साथ सहज रूप से अपना जीवन व्यतीत करता है. आदिवासियों के लिए प्रकृति से बड़ा कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है और न प्रकृति से बड़ा कोई भगवान या ईश्वर है. कार्यक्रम के दौरान लोहरा समाज के जिला अध्यक्ष मोहन लोहरा, डॉ लोरेंस तिर्की, सेलिस्टिन कुजूर ने भी विश्व आदिवासी दिवस पर प्रकाश डाला एवं आदिवासियों को जागरूक होकर विकास के पथ पर चलने की बात कही. मंच संचालन सरना समिति के कोषाध्यक्ष रंथू उरांव ने किया. मौके पर हरदयाल भगत, प्रखंड बीस सूत्री सदस्य रिंकू कश्यप, प्रमुख परशुराम लोहरा, परसही की मुखिया अनीता देवी, जालिम की मुखिया सुनीता देवी, फादर फिलिप कुजूर, जानकी सिंह, आशा देवी, रामदेव सिंह, सुरेंद्र उरांव, लालमोहन सिंह उपस्थित थे. विश्व आदिवासी पर आदिवासी समुदाय के द्वारा माको डाक बंगला से पैदल शोभा यात्रा भी निकाली गई. इसे भी पढ़ें- किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-international-tribal-day-celebrated-at-tribal-welfare-center-meghahatuburu/">किरीबुरू: आदिवासी कल्याण केंद्र मेघाहातुबुरू में मना अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस [wpse_comments_template]

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