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लातेहार : रमजान के मौके पर तरावीह की नमाज से गुलजार हो रही है फिजा

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बालूमाथ में दर्ज़नों जगहों पर अदा की जा रही है तरावीह की नमाज kamrul arfi Balumath, Latehar: मुस्लिम धर्मावलंबियों के माह-ए-रमज़ान का आगाज होते ही रमजान के मौके पर अदा की जाने वाली विशेष नमाज-ए-तरावीह की शुरुआत हो चुकी है. प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी बालूमाथ के शहरी क्षेत्र के दर्जनों मस्जिदों और घरों में इस विशेष नमाज-ए-तरावीह उत्साह एवं एहतेमाम के साथ पढ़ी जा रही है. विशेष नमाज़-ए-तरावीह में नमाज के हालत में खड़े होकर पवित्र कुरान को सुनना अहम सुन्नत में शामिल है. लातेहार जिला जमीयत-ए-उलेमा के महासचिव मौलाना अब्दुल वाज़िद चतुर्वेदी ने बताया कि रमजान के चाँद नज़र आने के बाद शुरू होने वाले इस विशेष नमाज़-ए-तरावीह की एक अलग अहमियत है. जिसमे मुसलमान दिन में रोजा रखने के बाद रात की नमाज़ के उपरांत घंटों खड़े होकर अपने रब को राजी करने के लिए नमाज़-ए-तरावीह की नमाज़ अदा करते है. मुस्लिम विद्वान कारी मो अली ने कहा कि तमाम महीनों में रमजान का महीना सबसे अफजल है. अल्लाह इस महीने में अपने बंदों के लिए अजर बढ़ा देता है. एक नेकी के बदले कई नेकियों से अल्लाह नवाजता है. मस्जिद-ए-मुस्तफा के इमाम मौलाना तौकीर अफनदी ने बताया कि बरकतों और रहमतों के माह-ए-रमजान में अल्लाह ने खास तौर पर गरीबों का ख्याल रखने का हुक़्म दिया है. गरीबों की ज़रूरतों का ख्याल रखना हर साहब-ए-निसाब के लिए जरूरी है. ज्ञात हो कि रमजान के पूरे महीने में नमाज़-ए-तरावीह में कुरान मुकम्मल सुन लेने के पश्चात सुरह-ए-तरावीह पढ़ी जाती है. यह सिलसिला इद की चांद नज़र आने तक चलता रहता है. जिसका समय सामान्यतः 30 दिनों का होता है. इसे भी पढ़ें-भद्रकाली">https://lagatar.in/defense-minister-rajnath-singh-worshiped-in-bhadrakali-temple-said-i-have-a-close-relationship-with-jharkhand/">भद्रकाली

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