- ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प
- कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल
- आत्मरक्षा में पुलिस ने की कई राउंड फायरिंग
Latehar : जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित केमा गांव में प्रस्तावित तुबिद कोल ब्लॉक के जमीन सर्वे को लेकर गुरुवार देर रात को जमकर बवाल हुआ. ड्रोन से किए जा रहे सर्वे का विरोध कर रहे ग्रामीणों की पुलिस के साथ झड़प हो गई.
इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा, एएसआई राजेश कुमार समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को आत्मरक्षा में कई राउंड फायरिंग करनी पड़ी.
प्रशासन की हर स्थिति पर पैनी नजर
घटना में चार पुलिसकर्मियों सहित दर्जनों ग्रामीण घायल हुए हैं. सभी को इलाज के लिए लातेहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दी गई है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
लातेहार के केमा गांव में ड्रोन सर्वे को लेकर बवाल, दो पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल, ग्रामीणों और पुलिस में झड़प. pic.twitter.com/625IRc53Hu
— Lagatar News (@lagatarIN) March 5, 2026
तुबिद कोल ब्लॉक को लेकर कराया जा रहा था सर्वे
मिली जानकारी के अनुसार, दामोदर वैली कॉरपोरेशन के प्रस्तावित तुबिद कोल ब्लॉक को लेकर एक निजी कंपनी द्वारा इलाके में ड्रोन कैमरे से जमीन का सर्वे किया जा रहा था. इसकी जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम को घेर लिया.
ग्रामीणों ने आठ पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंची और जवानों को छुड़ाने का प्रयास किया. इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
हालात बिगड़ता देख पुलिस ने आत्मरक्षा में कई राउंड हवाई फायरिंग की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई. बता दें कि करीब एक माह पहले भी जमीन सर्वे किया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था. उस समय ग्रामीणों ने ड्रोन छीनकर अपने पास रख लिया था.
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.

घायल पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों कासदर अस्पताल में चल रहा इलाज
बिना ग्राम सभा की सहमति के नहीं किया जा सकता ड्रोन सर्वे
इधर ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां पेसा (PESA) कानून लागू है. स्थानीय ग्रामीण बहादुर टाना भगत के अनुसार, ग्राम सभा की लिखित अनुमति के बिना यहां किसी भी प्रकार का जमीन सर्वे या परियोजना से जुड़ा कार्य नहीं किया जा सकता. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम सभा की सहमति के ड्रोन से सर्वे किया जा रहा था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया.
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