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लातेहार: सफेद हाथी बनकर रह गया है जल मीनार, 6 माह में ही हुआ खराब

Latehar: जिले में लगे जलमीनार को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी योजनाओं की यहां कैसी स्थिति है. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जल मीनार बनाने में सरकारी पैसे का बंदरबांट किया गया. जिले के पंचायतों में लगवाए गए जल मीनार 6 माह से 3 वर्ष के अंदर ही खराब हो गये. किसी जल मीनार का समरसेबल जल गया तो किसी का स्टार्टर जल गया. वहीं किसी का हवा के झोंके से सोलर प्लेट ही उड़ गया. इसे भी पढ़ें-सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-farmers-of-the-district-are-worried-about-uneven-and-scanty-rainfall/">सरायकेला

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जल मीनार को देखने वाला कोई नहीं

एक बार जल मीनार बन जाने के बाद कोई इसे देखने नहीं आता. बहुत से जल मीनार आज केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. ये शासन तंत्र को मुंह चिढ़ाते हुए दिख रहे हैं. खराब पड़े सोलर जल मीनारों को ना तो लगाने वाला एजेंसी देख रहा है और ना ही शासन तंत्र में बैठे लोग.

मिलीभगत का आरोप

जल मीनारों को देखने से ऐसा लगता है कि यह योजना जनहित में नहीं बल्कि व्यवसायियों बिचौलियों और निवर्तमान समय के मुख्य अधिकारी, कर्मचारियों और मुखिया ने पैसे की बंदरबांट के लिए लगाया. अगर ऐसा नहीं था तो पंचायत में जितने भी जल मीनार खराब पड़े हैं, उसको दुरुस्त कर ग्रामीणों को शुद्ध जल मुहैया करवाया जा सकता था. पर ऐसा करना ना मुखिया ने मुनासिब समझा ना ही पदाधिकारी ने. ये केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. इसे भी पढ़ें-पश्चिमी">https://lagatar.in/western-europe-is-burning-in-the-furnace-of-fire-the-fire-in-the-forests-is-spreading-like-a-demon/">पश्चिमी

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नये डीसी भोर सिंह यादव से उम्मीद

अब ऐसे में जिलेवासियों को नव पदस्थापित उपायुक्त भोर सिंह यादव से काफी उम्मीदें हैं. लोगों को उम्मीद है कि नये डीसी समस्याओं को सुलझाएंगे. सरकारी योजनाओं को दुरूस्त करेंगे. [wpse_comments_template]

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