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लातेहार : पीएम के शिलान्यास के बाद भी शुरू नहीं हुआ मंडल डैम में काम

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Latehar : 5 जनवरी 2019 को पलामू के चिंयाकी हवाई अड्डे पर खूब गहमागहमी थी. तत्कालीन झारखंड सरकार के कई मंत्री व सांसद पीएम नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रहे थे. पीएम आये भी और पूरी तामझाम के साथ जिले के बरवाडीह प्रखंड के मंडल ग्राम स्थित उत्तर जल विद्युत परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास किया गया. पीएम के द्वारा शिलान्यास किये जाने के बाद एक बार लगा कि 52 वर्ष पहले जिस परियोजना की आधारशिला रखी गयी थी वह अब जरूर पूरा होगा. लेकिन पीएम के द्वारा किये गये शिलान्यास के तीन वर्ष से अधिक समय बीत गये, मंडल डैम में परियोजना का काम प्रारंभ नहीं हुआ. पलामू प्रमंडल के कोयल नदी पर इस परियोजना का निर्माण होने के कारण इसे उत्तर कोयल जल विद्युत परियोजना भी कहा जाता है. इसे भी पढ़ें-किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-police-raid-english-liquor-shops-hotels/">किरीबुरु

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परियोजना की प्राक्कलित राशि बढ़ायी गई

वर्ष 1970 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 30 करोड़ रुपये थी. लेकिन अब परियोजना की लागत बढ़ कर 1627 करोड़ हो गयी है. जिसमें 60 प्रतिशत की राशि केंद्र सरकार एवं 40 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार को वहन करेगी. इस परियोजना से एक लाख 11 हेक्टेयर एकड़ भूमि में सिंचाई व डैम के दोनों छोरों पर 24-24 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया था. ज्ञात हो कि इस परियोजना पर काम 1972-73 में शुरू किया गया था. बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने इस परियोजना का शुभारंभ किया था. वर्ष 1985 में इस परियोजना की प्राक्कलित राशि को बढ़ा कर 439 करोड़ और बाद में 581 करोड़ रुपये किया गया था. जानकारी के अनुसार मंडल डैम के फॉरेस्ट क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. स्टेज वन और स्टेज टू का फॉरेस्ट क्लियरेंस मिल चुका है. बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है. इस परियोजना में कुल 2266.72 एकड़ वन भूमि शामिल है. बताया जाता है कि वर्ष 1970 में जब पूरे बिहार में अकाल पड़ा था, उस समय अकाल एवं सूखे से निजात पाने के लिए इस परियोजना को योजना आयोग, भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया था. इस परियोजना में गढ़वा जिला के भंडरिया प्रखंड स्थित चेमो सान्या समेत 16 गांव तथा लातेहार जिला के बरवाडीह प्रखंड के तीन गांव डूब क्षेत्र में शामिल हैं. इन 19 गांवों में 749 परिवारों के 6013 लोग विस्थापित होंगे. इसे भी पढ़ें-जगन्नाथपुर">https://lagatar.in/jagannathpur-mnrega-lokpal-inspected-various-schemes-in-barananda-panchayat/">जगन्नाथपुर

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लोगों को परियोजना शुरु होने का इंतजार

पहले परियोजना के अंतर्गत 367 मीटर की उंचाई तक पानी जमा करने की योजना थी लेकिन परियोजना में फेरबदल करते हुए अब 341 मीटर की उंचाई तक ही पानी जमा की जाएगी. मंडल डैम में समुचित रख-रखाव नहीं होने के कारण वर्ष 1999 में झाडि़यों में आग लग जाने के कारण कई वाहन जल कर नष्ट हो गये थे, वहीं लोहा चोरों ने भी इस परियोजना को काफी नुकसान पहुंचाया है. परियोजना के कल पुरजों एवं अन्य लोहों को काट कर स्क्रैप के भाव बाजार में बेच दिया गया है. बावजूद इसके अभी लोगों को यह उम्मीद है कि इस परियोजना पर कार्य अवश्य शुरू होगा. इसे भी पढ़ें-पटमदा">https://lagatar.in/patmada-villagers-demonstrated-at-jalla-mor-for-road-construction/">पटमदा

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