Latehar/ Ranchi : यूक्रेन में डॉक्टरी की प़ढ़ाई के लिए गयी लातेहार की आदिम जनजाति की होनहार बेटी लतिका ठिठियो युद्ध संकट में फंस गयी है. वह पिछले 4 सालों से पढाई के सिलसिले में यूक्रेन में रह रही है. अभी उसकी पढ़ाई 2 साल और बाकी रह गया है. यूक्रेन से उसने संदेश भेजवाया है कि उसने फ्लाइट से वापसी का टिकट करवा लिया था. एयरपोर्ट भी पहुंच चुकी थी. लेकिन ऐन वक्त पर फ्लाइट रद्द हो जाने की वजह से वह फंस गयी है. वह इस वक्त जिस जगह पर फंसी है, उसका पता है- 1 B, कुचमईन, यार स्ट्रीट, कीव 03035, यूक्रेन.
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इर्द-गिर्द बमों के आक्रमण से डरी -सहमी है
शुक्रवार सुबह उसने संदेश यह भी भेजा है कि वह जिस इलाके में फंसी है, उसी के इर्द-गिर्द बमों के आक्रमण से सब लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. वह अपने वतन आने को व्याकुल है. वह अपने देश और राज्य की सरकारों पर उम्मीद भरी निगाहों से टकटकी लगाये हुए है कि सरकार उनको इस संकट से बाहर निकलने का पूरा प्रयास करेगी.बेटी को सुरक्षित लाने में आवश्यक कदम उठाये सरकार
लतिका ठिठियो मूलत: लातेहार जिले के महुआडांड प्रखंड अंतर्गत दुरुप पंचायत के दौना गांव की रहने वाली है. उसके पिता इशाक ठिठियो एक सामान्य परिवार से हैं. उनके परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका से घबराये हुए हैं. जब से बेटी के विपत्ति में फंसने की खबर सुनी है, घर में न ठीक से खाना बन रहा है और न कोई काम कर पा रहे हैं. उन्होंने जिले के उपायुक्त और झारखंड सरकार से गुहार लगायी है कि उनकी बेटी को सरकार सुरक्षित लाने में आवश्यक कदम उठाये. इसे भी पढ़ें – निरसा">https://lagatar.in/nirsa-nothing-is-known-of-one-and-a-half-dozen-people-missing-after-boat-accident/">निरसा: नाव दुर्घटना के बाद लापता डेढ़ दर्जन लोगों का कुछ नहीं पता [wpse_comments_template]
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