NewDelhi : CJI एनवी रमना द्वारा झारखंड की राजधानी रांची में मीडिया को लेकर दिये गये बयान को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि दुनिया की कोई भी अदालत भारत सरीखी आजाद नहीं है. न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर किरण रिजिजू ने कहा कि भारतीय न्यायाधीश और न्यायपालिका पूरी तरह से सुरक्षित हैं और मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि कोई भी न्यायाधीश या न्यायपालिका दुनिया में कहीं भी उतनी स्वतंत्र नहीं है, जितनी भारत में है.
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जान लें कि ऱांची में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा था कि मीडिया ट्रायल न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं. कहा कि न्याय के मुद्दों पर कम जानकारी और एजेंडा संचालित बहस लोकतंत्र के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है. मीडिया की ओर से प्रचारित पक्षपातपूर्ण विचार लोगों को प्रभावित कर रहे हैं. इससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और न्याय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है. CJI ने कहा कि मीडिया ने लोकतंत्र को दो कदम पीछे ले जाकर और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है.
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सीजेआई ने कहा था कि प्रिंट मीडिया की अब भी कुछ हद तक जवाबदेही है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जवाबदेही कुछ भी नहीं है. सोशल मीडिया पर न्यायाधीशों के खिलाफ अभियान और मीडिया ट्रायल न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. कंगारू अदालतें और पक्षपातपूर्ण विचार मीडिया द्वारा प्रचारित किये जा रहे हैं जो न्याय प्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं. एनवी रमना के बयान पर केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, सीजेआई रमना द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया ट्रायल पर की गयी टिप्पणियां भारत और दुनिया भर में मौजूदा स्थिति के अनुसार उनका अवलोकन है. कहा कि अगर किसी को ऐसा लगता है तो हम सार्वजनिक डोमेन में इस पर चर्चा कर सकते हैं. उन्होंने अभी जो कहा, उस पर मैं अभी टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. सीजेआई के बयान पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मीडिया को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या मीडिया ने लक्ष्मण रेखा को क्रॉस किया है. बता दें कि सीजेआई के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जम कर चर्चा हो रही है. [wpse_comments_template]
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