Search

झारखंड में मॉब लिंचिंग पर जल्द बने कानून : अश्विनी बक्शी

Ranchi : पुरूलिया रोड स्थित एसडीसी सभागार में अल्पसंख्यक अधिकार समन्वय समिति के तत्वावधान में एक दिवसीय अल्पसंख्यक स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और राजनैतिक प्रतिनिधित्व विषय पर राज्य स्तरीय कन्वेंशन आयोजित की गई. पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के अश्विनी बक्शी ने कहा कि झारखंड में मॉब लिंचिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे अमानवीय कृत्य पर अति शीघ्र कानून बनाकर राज्य में लागू किया जाए. मॉब लिंचिंग रोकने के लिए संबंधित लोक सेवकों पर जिम्मेवारी तय की जाये. मॉब लिंचिंग से प्रभावित होने वाले परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का प्रबंध किया जाए. वक्ताओं ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी 20 प्रतिशत है. यहां अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा है. उसे राजनीति का शिकार किया जा रहा है. उन्हें वर्तमान सरकार से न्याय नहीं मिल रहा है.

अल्पसंख्यकों को नौकरियों में 10% आरक्षण दिया जाए- प्रभाकर तिर्की

झारखंड आंदोलनकारी प्रभाकर तिर्की ने कहा कि अल्पसंख्यकों को नौकरियों में 10% आरक्षण दिया जाए. अल्पसंख्यक समुदाय को चिन्हित किया जाए. उन्हें सभी क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ दिया जाए. राज्य में अल्पसंख्यक आयोग बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम और अल्पसंख्यकों से संबंधित सभी वैधानिक संस्थाओं का गठन शीघ्र किया जाए, ताकि अल्पसंख्यकों की अधिकारों का लाभ मिल सके. उर्दू भाषा के संवर्धन एवं विकास के लिए उर्दू में पुस्तकों का प्रकाशन किया जाए.

ये थे मौजूद

मौके पर डॉ अली इमाम खान, प्रोफेसर अफकार अहमद, बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन भंते जैनेंद्र, पूर्व वीसी जेएल उरांव, सरदार शैलेंद्र सिंह, पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, बगोदर विधायक विनोद सिंह, पूर्व विधायक अरुण चटर्जी, सीपीआई के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, कामरेड प्रकाश विप्लव, भाकपा माले के मनोज भक्त समेत सैकड़ों लोग शामिल थे. इसे भी पढ़ें – सांसद">https://lagatar.in/the-mp-wrote-a-letter-to-the-ssp-said-after-10-pm-close-the-bar-and-lounge/">सांसद

ने लिखा एसएसपी को पत्र, कहा- रात 10 बजे के बाद हर हाल में बंद कराएं बार और लाउंज
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp