- आज दो बार थाना से मायूस लौटने के बाद तीसरी बार उनकी कार रिलीज की गई
Ranchi : आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में आज शाम करीब 7:15 बजे अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त कार डोरंडा थाने से छूट गई. हाई कोर्ट ने वकील मनोज टंडन की कार छोड़ने मामले में आज तीन बार सुनवाई की थी.
हाई कोर्ट में दोपहर 2:15 बजे अंतिम सुनवाई हुई थी. जिसमें हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट ने डोरंडा थाना प्रभारी को मनोज टंडन की कार छोड़ने के लिए 4:30 बजे तक का समय दिया था.
हालांकि कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने के बाद नियत समय पर मनोज टंडन डोरंडा थाना अपनी कार लेने पहुंचे थे. लेकिन कुछ औपचारिकता के बाद इस मामले को टाल दिया गया. इसके बाद वह वहां से चले गए. फिर उन्हें दोबारा फोन किया गया.
मनोज टंडन दोबारा अपनी कार लेने डोरंडा थाना पहुंचे लेकिन इस बार भी उन्हें फिर से टाल दिया गया. दूसरी बार भी वे मायूस होकर थाना से निकल गए. इसके बाद तीसरी बार फिर उन्हें डोरंडा थाना से फोन किया गया. इस बार उन्हें उनकी जब्त कर वापस मिल गई.
कार मिलने पर अधिवक्ता मनोज टंडन ने प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से उन्हें उनकी जब्त कर वापस मिली है. यह बता दें कि गुरुवार को भी कोर्ट ने दोपहर 4:30 बजे तक डोरंडा थाना प्रभारी को मनोज टंडन की कार वापस करने का आदेश दिया था, लेकिन उन्हें कार नहीं दी गई थी.
फिर शुक्रवार की सुबह 11:30 बजे हाई कोर्ट में जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से इस मामले को उठाया गया जिसके बाद डोरंडा थाना प्रभारी और रांची सिटी एसपी को हाई कोर्ट तलब किया था.
हाई कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए आज 4:30 बजे तक का समय मनोज टंडन को कार वापस करने का निर्देश डोरंडा थाना प्रभारी को दिया था. आखिरकार मनोज टंडन की जब्त कार 10 दिनों बाद उन्हें वापस मिली.


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