Search

कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में सड़क पर उतरेंगे वकील, RDBA कार्यकारिणी सदस्य ने लिखा - फालतू है पैदल मार्च का निर्णय

Ranchi: झारखंड में कोर्ट फ़ीस बढ़ाये जाने का विरोध अब सड़कों पर दिखाई देगा. राज्य के अलग अलग ज़िला बार संघ इस मुद्दे पर बैठक कर चुके हैं. इस बीच रांची ज़िला बार एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि सिविल कोर्ट के वकील कोर्ट फ़ीस में हुए इज़ाफ़े का विरोध सड़क पर उतर कर करेंगे. पढ़ें - चीन">https://lagatar.in/deployment-of-tanks-in-the-security-of-the-bank-in-henan-province-of-china-the-bank-froze-deposits-to-the-public-the-protesters-were-demanding-money/">चीन

के हेनान प्रांत में बैंक की सुरक्षा में टैंकों की तैनाती, बैंक ने जनता की जमा राशि फ्रीज कर दी, प्रदर्शनकारी मांग रहे पैसे
इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/there-may-be-rain-in-the-state-for-the-next-five-days-there-is-a-possibility-of-thunder-and-thunder/">झारखंड

में अगले पांच दिनों तक हो सकती है बारिश, गर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना

25 जुलाई को होगा पैदल मार्च 

RDBA ने पत्र जारी कर यह सूचना साझा की है कि 25 जुलाई को सिविल कोर्ट से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च कर अपना आक्रोश ज़ाहिर करेंगे. यह पैदल मार्च शांतिपूर्ण होगा. वहीं अध्यक्ष और महासचिव समेत अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी किये गये पत्र में कार्यकारिणी सदस्य बबलू सिंह के द्वारा की गई नोटिंग की चर्चा सिविल कोर्ट के वकीलों के बीच हो रही है. RDBA के कार्यकारिणी सदस्य बबलू सिंह ने उक्त पत्र में लिखा है कि पैदल मार्च का निर्णय फ़ालतू है. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/34-naxalites-terrorists-smugglers-jharkhand-are-on-radar-nia/">झारखंड

के 34 नक्सली,उग्रवादी व तस्कर हैं एनआईए के रडार पर

फ़ीस बढ़ोतरी के निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह

बता दें कि इससे पहले कोर्ट फीस में की गई बढ़ोतरी का स्टेट बार काउंसिल ने कड़ा विरोध जताया है. काउंसिल ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर फ़ीस बढ़ोतरी के निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. काउंसिल ने अपने पत्र में  कहा है कि हमें यह याद रखना होगा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि अंतिम व्यक्ति को सुलभ न्याय मिल सके. न्याय लेने में उसके अंदर किसी तरह की हीन भावना न आये कि कानून और न्याय उसकी पहुंच के बाहर हैं. इसके साथ ही काउंसिल ने मुख्य सचिव को फ़ीस बढ़ोतरी पर सरकार पुनर्विचार नहीं करती है तो राज्य भर के अधिवक्ता आंदोलन करने पर मजबूर हो जायेंगे और इसके लिए बार काउंसिल जिम्मेवार नहीं होगा. काउंसिल सरकार के इस फैसले से पूरी तरह असंतुष्ट है और ऐसा प्रतीत होता है कि फ़ीस में हुए इजाफे से आम लोगों की पहुंच न्यायालय तक नहीं हो पायेगी .मध्यम वर्गीय लोग भी क़ानूनी सहायता लेने में असमर्थ हो जायेंगे ऐसी स्थित में इस निर्णय पर जल्द से जल्द पुनर्विचार किया जाये . इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/there-may-be-rain-in-the-state-for-the-next-five-days-there-is-a-possibility-of-thunder-and-thunder/">झारखंड

में अगले पांच दिनों तक हो सकती है बारिश, गर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp