- 2019 के चुनाव में 1.89 लाख लोगों से दबाया था नोटा का बटन
- नोटा को लेकर बढ़ गई है उम्मीदवारों की धड़कन
- सिंहभूम में 24,270 लोगों ने नोटा का दबाया था बटन
68 फीसदी उम्मीदवारों को नोटा से भी कम मिले वोट
पिछले लोकसभा चुनाव में कुल उम्मीदवारों में से 68 फीसदी उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले. खूंटी में 21245 लोगों से नोटा का बटन दबाया था. जिसमें बीजेपी उम्मीदवार अर्जुन मुंडा सिर्फ 1450 वोट से ही जीत हासिल की थी. गोड्डा, गिरिडीह, सिंहभूम और खूंटी लोकसभा सीट पर तो 2019 में नोटा तीसरे स्थान पर रहा. वहीं 2014 के लोकसभा आम चुनाव में मैदान में उतरे 240 प्रत्याशियों में से 137 को नोटा से कम वोट मिले. इस तरह 2014 और 2019 में पांच लोकसभा क्षेत्र में ही कुल मिलाकर एक लाख से ज्यादा लोगों ने नोटा का बटन दबाया था.सिंहभूम में सबसे अधिक नोटा का हुआ इस्तेमाल
2019 के चुनाव में सिंहभूम लोकसभा सीट में सबसे अधिक नोटा का वोटरों ने इस्तेमाल किया. सिंहभूम में 24,270 वोटरों ने नोटा का बटन दबाया. दूसरे नंबर पर खूंटी लोकसभा सीट में 21,245 लोगों ने नोटा का बटन दबाया. इसी तरह राजमहल में 12919, गोड्डा में 18,683, दुमका में 14,396 और गिरिडीह में 19,798 वोटरों ने नोटा का इस्तेमाल किया. कोडरमा में 31,164 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया.2019 में कितनों ने दबाया नोटा का बटन
गिरिडीह- 19,798 जमशेदपुर-5,813 कोडरमा 31,164 सिंहभूम-24,270 खूंटी-21,245 लोहरदगा-10,783 राजमहल- 12,919 गोड्डा- 18,683 दुमका-14,396 धनबाद-4,345 हजारीबाग-7,539 रांची-4,379 चतरा-8,312 पलामू-5,808 इसे भी पढ़ें : ">https://lagatar.in/breaking-ed-sent-summons-to-minister-alamgir-alam-asked-to-appear-on-may-14/">मंत्री आलमगीर आलम को ईडी ने भेजा समन, 14 मई को उपस्थित होने कहा [wpse_comments_template]
Leave a Comment