- सात एकड़ का खनन लीज है, 16 पोकलेन का मालिक है काला संजय.
- अवैध माइनिंग छिपाने के लिए स्टोन डस्ट से रास्ते को बंद कर दिया.
- संकट मोचन स्टोन वर्क्स के मालिक राजेश जयसवाल से भी पूछताछ.
Ranchi : माइनिंग के धंधे में शामिल संजय यादव उर्फ काला संजय की संपत्ति देख कर सीबीआई आश्चर्यचकित है. संजय के पास सिर्फ सात एकड़ क्षेत्रफल पर पत्थर खनन का लीज है. लेकिन वह 16 पोकलैन(Poclain) है. उसके एक पोकलेन की कीमत एक करोड़ रुपये हैं. शेष पोकलेन की कीमत 60-65 लाख रुपये प्रति पोकलेन है. सीबीआई ने उसके पोकलेन की कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी है.
अवैध खनन की जांच के लिए साहिबगंज में कैंप कर रही सीबीआई की टीम आज संजय यादव उर्फ काला संजय के माइनिंग क्षेत्र में पहुंची. गदवा पहाड़ क्षेत्र में काला संजय का माइनिंग लीज है. उसकी कंपनी का नाम मां शीतला स्टोन वर्क्स और गदवा स्टोन वर्क्स है. संजय के पास कुल लीज का क्षेत्रफल सात एकड़ है. लेकिन उसके पास 16 पोकलेन है. उसके पास एक उन्नत किस्म का पोकलेन भी है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये हैं. सीबीआई के मुताबिक उसके वैध लीज क्षेत्र में खनन की जरूरतों के मुकाबले पोकलेन की संख्या काफी ज्यादा है.

पत्थर कारोबारी संजय यादव उर्फ काला संजय ने स्टोन डालकर रास्ता बंद कर दिया.
सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि संजय यादव ने अपने वैध लीज क्षेत्र से अधिक पर माइनिंग किया है. इस अवैध माइनिंग को छिपाने के लिए स्टोन डस्ट से अवैध माइनिंग क्षेत्र तक पहुंचने के रास्ते को बंद कर दिया है. जांच में इस बात की भी जानकारी मिली है कि ईडी द्वारा अवैध खनन की जांच के दौरान अपनी गतिविधियां तेज करने के दौरान संजय ने छत्तीसगढ़ में भी माइनिंग का काम शुरू किया था. प्रारंभिक जांच के दौरान सीबीआई को इस बात के सबूत मिले हैं कि संजय के माइनिंग के धंधे में किसी का काला धन लगा हुआ है.

माइनिंग स्थल पर लगा संजय यादव की कंपनी का बोर्ड.
सीबीआई ने शुक्रवार को संकट मोचन स्टोन वर्क्स के मालिक राजेश जयसवाल से भी पूछताछ की. वह नीबू पहाड़ के इलाके में माइनिंग करता है. गुरुवार को जब सीबीआई की टीम जांच के लिए वहां पहुंची थी तो राजेश जयसवाल उपस्थित नहीं था. सीबीआई ने शुक्रवार को राजेश जयसवाल को बुलाया और उससे उसके माइनिंग लीज़ सहित अन्य मामलों की जानकारी ली.
सीबीआई की टीम शुक्रवार को जांच के दौरान दाहू यादव के घर पर भी पहुंची थी. वह लंबे अरसे से फरार चल रहा है. ईडी द्वारा जारी किये गये समन पर वह पूछताछ के लिये हाजिर हुआ था. लेकिन बीमारी का बहाना बना कर समय मांगा और फरार हो गया. उसकी अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने उसे जांच अधिकारी के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया था. लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ. उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी है. लेकिन पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नही कर सकी है.

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