Search

 
 
 

हाइवा चतरा छोड़ो आंदोलन: चतरा में थमा कोयला परिवहन, सिमरिया में अनिश्चितकालीन चक्का जाम

चतरा के सिमरिया में कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई से बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के विरोध में हाइवा चतरा छोड़ो आंदोलन का आगाज हो गया है. सुभाष चौक पर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम शुरू कर दिया है.
 
  • भारी वाहनों के चलते बढ़ते सड़क हादसों के खिलाफ सर्वदलीय संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा
  • चतरा के रास्ते हजारीबाग को होने वाली कोयला ढुलाई रोकने की मांग

Chatra: चतरा के सिमरिया में कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई से बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के विरोध में हाइवा चतरा छोड़ो आंदोलन का आगाज हो गया है. सुभाष चौक पर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम शुरू कर दिया है. आंदोलन के समर्थन में चतरा के रास्ते होने वाली कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई भी अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है. 


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झामुमो के पूर्व सिमरिया विधानसभा प्रत्याशी मनोज चंद्रा ने कहा कि पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चतरा की ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे सड़कें जर्जर हो रही हैं और आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं. 

 

इसे भी पढ़ें:

https://lagatar.in/ranchi-news-three-jpsc-members-submit-resignation-to-the-governor

https://lagatar.in/the-14th-jpsc-and-the-2023-2025-backlog-examinations-will-be-cancelled


आंदोलनकारियों का कहना है कि कई लोगों की जान जाने के बावजूद मृतकों के आश्रितों के लिए स्थायी क्षतिपूर्ति की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं बन सकी है. सर्वदलीय संघर्ष समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों की सड़कें भारी वाहनों के लगातार दबाव के लिए तैयार नहीं हैं. इसके बावजूद हजारीबाग जिले की पकरी बरवाडीह, जोरदाग, चट्टीबरियातू सहित विभिन्न कोयला खदानों से निकलने वाला कोयला चतरा के रास्ते हजारीबाग पहुंचाया जा रहा है. 


आंदोलनकारियों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. समिति ने चतरा के रास्ते हजारीबाग तक होने वाली कोयला ढुलाई को तत्काल बंद करने की मांग की है. 


आंदोलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य चंद्रदेव गोप, झामुमो जिला सचिव चंद्रदेव साहू, आप जिलाध्यक्ष शत्रुध्न प्रसाद, राजद नेता वीरेंद्र यादव, कांग्रेस नेता कामाख्या नारायण सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. 


सर्वदलीय संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और चक्का जाम अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा. चक्का जाम से कोयलांचल में हड़कंप मच गया है. सरकार और सीसीएल को प्रतिदिन लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही