छात्रों को यह समझाने के लिए विषय का चयन किया गया: कुलपति
कुलपति प्रोफेसर डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि छात्रों को यह समझाने के लिए विषय का चयन किया गया कि सिर्फ कक्षाओं में जाना और नोट्स लिखना पर्याप्त नहीं है. उन्हें अपनी सोच और विश्लेषणात्मक शक्ति में सुधार करने के लिए एक विधि की आवश्यकता है. यहां तक कि सरकार एनईपी के जरिए इसमें सुधार करने की योजना बना रही है आजादी के बाद यह पहली शिक्षा नीति भी है, जिसे देश और इसकी विविधता को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है. इसे भी पढ़ें - साहित्यकार">https://lagatar.in/writers-and-writers-guide-the-society-selflessly-champai-soren/">साहित्यकारऔर लेखक निःस्वार्थ भाव से समाज का मार्गदर्शन कर करते हैं : चंपई सोरेन [wpse_comments_template]

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