Hazaribagh: आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कृषि विभाग में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर एकदिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया. इसमें बतौर मुख्य वक्ता केंद्रीय वर्षाश्रित उपजाऊ भूमि धान अनुसंधान केन्द्र, हजारीबाग के वरीय वैज्ञानिक डॉ प्रिया मेधा शरीक हुईं. उन्हें बुके भेंट कर कार्यक्रम में स्वागत किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ एमके मिश्रा, वोकेशनल निदेशक डॉ बिनोद कुमार, कृषि संकाय डीन डॉ अरविंद कुमार सहित अन्य के हाथों दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. स्वागत भाषण के दौरान डीन डॉ अरविंद कुमार ने विषय प्रवेश कराया और विद्यार्थियों को बताया कि कृषि के क्षेत्र में जितने भी शोध हो रहे हैं उसका पेटेंट कराना अत्यंत आवश्यक है. डॉ प्रिया मेधा ने विद्यार्थियों को बताया कि दरअसल बौद्धिक संपदा अधिकार दिए जाने का मूल उद्देश्य मानवीय बौद्धिक सृजनशीलता को बढ़ावा देना है. बताया कि सरकार द्वारा समय-समय पर इनके संरक्षण के लिए अनेक प्रयास भी किए जा रहे हैं. जिससे इस संदर्भ में लोगों की जागरूकता और बढ़ सके और इसके द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त हो सके. साथ ही उन्होंने शोध को पेटेंट कराने, कानुनी सुरक्षा, कॉपीराइट, व्यापार-चिन्ह, औद्योगिक डिजाइन, व्यापार रहस्य और जीआई टैग के बारे में विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने ब्रांडेड बीज की बाजारों में बढ़ते मांग के मद्देनजर अपने कृषि उत्पादों को पंजीकृत कराने पर बल दिया. वहीं कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने ऐसे कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि दरअसल यह आयोजन आज के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से किया गया. साथ ही कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार की जानकारी सभी को होनी चाहिए। डीन एकेडमिक डॉ एमके मिश्रा ने भी विदेशों एवं भारत में पेटेंट कराने की प्रणाली पर प्रकाश डाला. मंच संचालन सहायक प्राध्यापिका फरहीन सिद्दीकी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ सत्यप्रकाश विश्वकर्मा ने किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें - प्रियंका">https://lagatar.in/priyanka-gandhi-wrote-a-letter-to-the-people-of-wayanad-before-the-by-elections-said-we-all-are-courageous/">प्रियंका
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हजारीबाग: आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कृषि विभाग में व्याख्यान
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