Ranchi: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को एनयूएसआरएल रांची में आयोजित राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन सत्र में शामिल हुए. उपभोक्ता संरक्षण कानून पर हुए इस प्रतियोगिता को राज्यपाल ने अद्वितीय बताया. कहा कि यह तार्किक विचार, सटीकता और वकालत की कला में दक्षता हासिल करने का मंच प्रदान करता है. विधिक पेशा केवल एक कार्यक्षेत्र नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है.
राज्यपाल ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून हमारे समाज के हर नागरिक से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है. हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी वर्ग या आयु का हो, उपभोक्ता है और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना उसका कर्तव्य है. इसके प्रावधानों ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इन कानूनों ने उपभोक्ताओं को न्याय प्राप्ति के लिए सुलभ माध्यम प्रदान किए हैं.
विधि व्यवसाय को सदैव एक पवित्र व नैतिक पेशा माना गया है
देश में विधि व्यवसाय को सदैव एक पवित्र और नैतिक पेशा माना गया है. उन्होंने विधि के क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का उल्लेख करते हुए विधिशास्त्र के विद्यार्थियों को नैतिकता और न्याय के उच्च मानदंड स्थापित करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि वे भी विधि के छात्र रहे हैं लेकिन आपातकाल में जेल चले गये और वकालत नहीं कर सके. इसके बाद राजनीति में आगमन हो गया. कहा कि जनता से अपार स्नेह से 8 बार लोकसभा सांसद रहा. अब नए दायित्व का निर्वहन कर रहा हूं.
उन्होंने कहा कि लोगों को त्वरित न्याय मिले, ये आप सभी की जिम्मेदारी है. एनयूएसआरएल न केवल विधिक शिक्षा में उत्कृष्टता प्रदान कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों को न्याय और नैतिकता के मूलभूत सिद्धांतों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित कर रहा है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रतियोगिता से प्राप्त अनुभव और ज्ञान विधि छात्रों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सहायक होगा.
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