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लेखा-जोखा:जून में JMM के 15 बड़े बयान, पढ़िये- हेमंत सोरेन और सुप्रियो ने किन मुद्दों पर बीजेपी को घेरा

 
Ranchi: जून महीने में सत्ताधारी पार्टी जेएमएम कई मुद्दों को लेकर मुखर रही. हेमंत सोरेन ने बतौर मुख्यमंत्री कई अहम घोषणाएं की, जिसमें गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलने और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को फ्री कोचिंग दिलाने की घोषणा शामिल है. वहीं पार्टी की ओर से महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची हिंसा, अग्निपथ योजना और मांडर उपचुनाव को लेकर बीजेपी को निशाने पर रखा. जून के 30 दिन में हेमंत सोरेन और सुप्रियो के दिये 15 बड़े बयानों को पढ़िये.

हेमंत सोरेन ने जून में क्या-क्या कहा

30 जून- राजमहल की अति प्राचीन फॉसिल्स को सरकार संरक्षित करेगी. गरीब और असहाय बच्चों के लिए स्कूल खोलने की भी योजना है. 26 जून- बहुत जल्द प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी को लेकर फ्री कोचिंग कराया जाएगा. इसमें आर्थिक रूप से कमजोर, एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक बच्चों को भी प्राथमिकता दी जाएगी. 23 जून- बीजेपी की सरकार ने 20 साल में किसानों का सिर्फ 400 करोड़ ऋण माफ किया. हमने ढाई साल में ही 900 करोड़ माफ किया. 22 जून- राज्य के पांचों प्रमंडलों में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला की एक-एक इकाई बनेगी. सरकारी नियुक्तियां भी योजनाबद्ध तरीके से हो रही हैं. 12,000 अवर स्तर पदों पर नियुक्ति के लिए कार्मिक को अधियाचना भेजी गई है. 17 जून- बहाली अनुबंध पर और नाम अग्निवीर. इस स्लोगनवीर सरकार से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है. जागो भविष्य के कर्णधारों जागो. 6 जून- जेएमएम का जन्म यहीं की मिट्टी में हुई है. केंद्र की मोदी सरकार को यह हजम नहीं हो रहा है. विपक्ष सरकारी कामकाज में रोड़े अटका रहा है. 20 वर्षों में विपक्ष को घोटाले नजर नहीं आये. जेएमएम गठबंधन की सरकार में घोटाले नजर आ रहे हैं.

सुप्रियो भट्टाचार्य के जून में दिये गए बयान

29 जून- देश में समाज पूरी तरह टूट चुका है. जिस तरह से भाषाओं का इस्तेमाल हो रहा है और कार्य हुए हैं. वह यकीनन इंसानियत से परे हैं. आखिर कहां तक धर्म की रक्षा के लिए इंसानों की जान ली जाएगी. 25 जून- जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी का रुख तय करने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे. 22 जून- द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा दोनों ही झारखंड से जुड़े हैं. हमें माटी और आदिवासी सबका ख्याल है. भाजपा के ज्ञान की जरूरत नहीं है़. आदिवासियों को लेकर किसने क्या किया,  सब जानते हैं. 21 जून- जिसने इस देश को 8 साल तक भोगा है वह योग ही करेगा. जेएमएम उनकी निंदा करती है जो विश्व योग दिवस पर केवल फोटो खिंचाने के लिए योग करते हैं. 20 जून- 2020 में गंगोत्री कुजूर पर सरना स्थल पर बिना अनुमति के मिट्टी चोरी का आरोप लगा था. चान्हों में केस नंबर 129 जो 22 जुलाई 2020 को दर्ज की गयी थी, लेकिन उन्होंने इसका जिक्र अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया है. 17 जून- अग्निपथ योजना सेना में संविदा पर नियुक्ति युवाओं के साथ धोखा है. एनसीसी ट्रेनिंग भी 3 साल की होती है, मोदी सरकार सिर्फ 6 माह की ट्रेनिंग देकर युवाओं को फौज में भेजना चाहती है. 14 जून- रांची में हुई घटना को लेकर वांछित लोगों की फोटो, नाम, पता चौक-चौराहों पर सार्वजनिक रूप से चस्पा करने से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है. नफरत की आग भड़क सकती है. ऐसे पोस्टर लगाने से यूपी और झारखंड का फर्क मिट जाएगा. 6 जून- मांडर विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा की विश्वास रैली का आयोजन गलत है. इसपर निर्वाचन आयोग को फैसला लेना है. 5 जून- विश्वास रैली में ‘आदिवासी सरना धर्म कोड’ की चर्चा तक नहीं हुई. यह तो ‘विश्वासघात’ है. वहीं मंच पर बैठे तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्री में से किसी ने भी जोहार शब्द से अपने संबोधन की शुरुआत नहीं की. [wpse_comments_template]    
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